Rape Case: जेवर में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी देवराज को राहत नहीं, अदालत ने जमानत अर्जी खारिज की
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी देवराज को अदालत से राहत नहीं मिली है। सत्र अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने बच्ची के साथ दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों को गंभीर प्रकृति का मानते हुए मौजूदा परिस्थितियों में जमानत देने का कोई आधार नहीं पाया।
मामले में पीड़िता के परिजनों ने छह जून को जेवर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक आरोपी देवराज कथित तौर पर बच्ची के साथ पहले भी छेड़छाड़ करता था। आरोप है कि वह बच्ची को घटना के बारे में किसी से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी देता था।
परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोप है कि देवराज ने अपने एक साथी के साथ मिलकर बच्ची के साथ वारदात को अंजाम दिया। घटना के समय बच्ची सो रही थी। इसी दौरान दोनों आरोपी उसके पास पहुंचे।
आरोप के मुताबिक सह-आरोपी ने बच्ची के हाथ पकड़ लिए, जबकि देवराज ने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। इस मामले में देवराज के साथ नामजद सह-आरोपी की जमानत अर्जी अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है।
देवराज की ओर से दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पीड़िता के बयानों में कथित विरोधाभास होने की दलील दी। इसी आधार पर आरोपी को जमानत देने का अनुरोध किया गया।
अदालत ने मामले से संबंधित रिकॉर्ड, आरोपों की प्रकृति और उपलब्ध तथ्यों पर विचार किया। न्यायाधीश ने कहा कि नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करना और उसे जान से मारने की धमकी देना जघन्य अपराध है।
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की जा रही है। वर्तमान परिस्थितियों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपी को जमानत देने का कोई पर्याप्त आधार नहीं पाया।
इसके बाद सत्र अदालत ने देवराज की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई जारी रहेगी।


