Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

Rahul Gandhi Complaint: महिला पत्रकार ऋचा पराशर ने राहुल गांधी के खिलाफ दी आपराधिक शिकायत, FIR दर्ज करने की मांग

Rahul Gandhi, Richa Parashar, Journalist Complaint, Delhi Police, Supreme Court Protest

Rahul Gandhi Complaint: महिला पत्रकार ऋचा पराशर ने राहुल गांधी के खिलाफ दी आपराधिक शिकायत, FIR दर्ज करने की मांग

महिला पत्रकार ऋचा पराशर ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा अन्य लोगों के खिलाफ 17 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के डीसीपी को आपराधिक शिकायत दी। उन्होंने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में विपक्षी प्रदर्शन की रिपोर्टिंग के दौरान कथित दुर्व्यवहार, धमकी और आपराधिक बल के प्रयोग का आरोप लगाते हुए एफआईआर की मांग की है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर को राहुल गांधी और विपक्षी दलों के नेता मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के मुद्दे पर विरोध जताने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। इसी दौरान वहां रिपोर्टिंग कर रहीं पत्रकार ऋचा पराशर ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़ा और उन्हें अपनी ओर खींचा। उनका पक्ष है कि इसके पश्चात राहुल गांधी के संग मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह भीड़ के बीच सीढ़ियों पर गिर गईं। पत्रकार ने यह भी दावा किया कि इस घटनाक्रम में उनका मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त हो गया और उन्हें चोटें आईं।

ऋचा पराशर ने घटना के बाद बताया था कि वह करीब तीन महीने की गर्भवती हैं। उनके अनुसार, गिरने और पेट में दर्द होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के समय वहां काफी भीड़ थी और धक्का-मुक्की के कारण उन्हें परेशानी हुई। इस मामले के संबंध में सामने आए वीडियो और पत्रकार के बयान के बाद राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया था। हालाँकि, घटना के अलग-अलग पहलुओं और संबंधित लोगों की भूमिका का निर्धारण जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों को आधार बनाकर ही किया जा सकता है।

अब पत्रकार ने अपनी शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग रखी है। शिकायत में धारा 74, धारा 115(2), धारा 131, धारा 125 और धारा 3(5) का उल्लेख किया गया है। ये धाराएं महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से आपराधिक बल के इस्तेमाल, जानबूझकर चोट पहुंचाने, हमला या आपराधिक बल के प्रयोग, मानव जीवन अथवा व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य और साझा इरादे से किए गए अपराधों से संबंधित हैं। शिकायतकर्ता चाहती हैं कि पुलिस मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपों की जांच करे और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

इस मामले पर कांग्रेस की तरफ से पहले आरोपों को खारिज किया गया था। पार्टी की तरफ से इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप बताया गया था। ऐसे में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस की भूमिका अहम हो गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध वीडियो, मेडिकल दस्तावेजों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की जांच से घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है। वर्तमान में शिकायत को आधार बनाकर एफआईआर दर्ज होने या जांच में आगे की कार्रवाई के बारे में अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है।

इस घटनाक्रम के बीच सुप्रीम कोर्ट में भी पत्रकार की तरफ से लगाए गए आरोपों से संबंधित याचिका पर सुनवाई का मुद्दा सामने आया था। अदालत ने मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की बात कही थी। अब दिल्ली पुलिस के समक्ष दी गई आपराधिक शिकायत ने मामले को एक नया कानूनी आयाम दे दिया है। आगे यह देखना होगा कि पुलिस शिकायत पर क्या कदम उठाती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। वर्तमान में राहुल गांधी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता; मामले का निष्कर्ष कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों को आधार बनाकर ही निकलेगा।

 

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें

पाठकों की राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *