Punjab : नितिन नबीन के पंजाब दौरे के दौरान भाजपा की दलित-विरोधी मानसिकता हुई बेनकाब, पार्टी कार्यक्रम में एससी नेताओं का किया अपमान:- हरपाल सिंह चीमा

Chandigarh : आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के हाल के पंजाब दौरे के दौरान भाजपा की दलित-विरोधी मानसिकता पूरी तरह बेनकाब हो गई है। भाजपा के एक हालिया कार्यक्रम का हवाला देते हुए उन्होंने खुलासा किया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला और सोम प्रकाश जैसे वरिष्ठ एससी नेताओं को दर्शकों में खड़ा रखा गया, जबकि बाकी नेता मंच पर बैठे थे, जो सीधे तौर पर घोर भेदभाव को दर्शाता है।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा सिर्फ एक खास अमीर वर्ग का ही सम्मान करती है जबकि दलितों, मजदूरों और गरीबों को योजनाबद्ध तरीके से हाशिये पर धकेलकर अपमानित किया जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब की आबादी का लगभग 34% हिस्सा बनाने वाले अनुसूचित जाति समुदाय ने इस दृष्टिकोण को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब-विरोधी, किसान-विरोधी है और इसका दलित-विरोधी चेहरा अब सबके सामने आ गया है, और पंजाब के लोग ऐसी राजनीति का कड़ा जवाब देंगे।

आप पंजाब एससी विंग के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह जीपी के साथ एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, देश में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ होने वाले अपराधों का लगभग 65% हिस्सा भाजपा शासित चार राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान से सामने आया है। यह दलितों की सुरक्षा करने में भाजपा सरकार की नाकामी और पिछड़े समुदायों के प्रति पार्टी के गहरे पूर्वाग्रह को दर्शाता है।

भाजपा के वरिष्ठ दलित नेताओं के साथ हुए भेदभाव को उजागर करते हुए उन्होंने खुलासा किया कि पंजाब में पार्टी के एक हालिया कार्यक्रम के दौरान, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला और पूर्व केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश जैसे वरिष्ठ एससी नेताओं को दर्शकों में खड़े होने के लिए मजबूर किया गया, जबकि उच्च नेतृत्व मंच पर विराजमान था। इस घटना ने पंजाब के लोगों के सामने भाजपा का असली चेहरा नंगा कर दिया है। जिन नेताओं ने दशकों तक पार्टी की सेवा की और अनुसूचित जाति समुदाय का प्रतिनिधित्व किया, उन्हें बुनियादी सम्मान भी नहीं दिया गया।

वरिष्ठ आप नेता ने आगे कहा कि यह घटना दलितों, मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रति भाजपा की भेदभावपूर्ण मानसिकता का स्पष्ट सबूत है। भाजपा सिर्फ एक खास और अमीर वर्ग का सम्मान करती है। मजदूरों, दलितों और गरीबों का प्रतिनिधित्व करने वालों को हाशिये पर फेंक दिया जाता है और अपमानित किया जाता है।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब का अनुसूचित जाति समुदाय, जो प्रदेश की आबादी का लगभग 34% है, ने इस भेदभावपूर्ण रवैये को खुद महसूस किया है। पंजाब के लोग दलित नेताओं और उन पिछड़े समाजों का अपमान करने के लिए भाजपा को कभी माफ नहीं करेंगे, जिन्होंने देश की तरक्की में बड़ा योगदान दिया है।

अपनी बात समाप्त करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा न सिर्फ पंजाब-विरोधी और किसान-विरोधी है, बल्कि इसका दलित-विरोधी चेहरा भी अब पूरी तरह बेनकाब हो गया है। पंजाब के लोग ऐसी बंटवारे और भेदभाव वाली राजनीति का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

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