Missing Teen: प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा 16 वर्षीय अनुज तीन महीने से लापता, परिवार ने केली कुंज के बाहर दिया धरना
उत्तर प्रदेश के वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के श्रीराधा केली कुंज आश्रम से जुड़ा एक मामला सामने आया है। हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र के बरामई खेड़ा गांव निवासी 16 वर्षीय अनुज चौधरी पिछले करीब तीन महीने से लापता है। शुक्रवार को अनुज के माता-पिता, दादी, चार बहनों, चाचा और गांव के अन्य लोग उसे तलाशते हुए वृंदावन पहुंचे और श्रीराधा केली कुंज आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए। परिवार की मांग है कि उन्हें अनुज से मिलवाया जाए और उसके बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए।
अनुज के पिता राजवीर चौधरी के अनुसार, उनका बेटा वृंदावन के पास पानीगांव स्थित अपने ननिहाल आता-जाता था। इसी दौरान वह प्रेमानंद महाराज के आश्रम में जाने लगा। परिवार का कहना है कि करीब तीन महीने पहले अनुज ने प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। इसके बाद वह घर वापस आया, लेकिन कुछ दिनों बाद 3 जुलाई को प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने की बात कहकर घर से निकला और फिर वापस नहीं लौटा। परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें आशंका है कि अनुज केली कुंज आश्रम में हो सकता है। परिवार का कहना है कि उन्होंने आश्रम पहुंचकर बेटे से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें उससे मिलने नहीं दिया गया। इसके बाद परिजनों ने गांव के लोगों को भी बुलाया और शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे आश्रम के बाहर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि जब तक अनुज के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती और उससे मुलाकात नहीं कराई जाती, वे वहां से नहीं जाएंगे।
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। वृंदावन के सीओ संदीप सिंह और कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार पुलिस बल के साथ आश्रम पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने आश्रम के अंदर जाकर अनुज के संबंध में जानकारी जुटाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, अनुज के लापता होने के संबंध में हाथरस के सादाबाद क्षेत्र में मामला दर्ज है और आश्रम में दीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड भी जांचे जा रहे हैं।
आश्रम की ओर से मौजूद एक साधक ने परिजनों से कहा कि उनकी ओर से हर संभव सहयोग किया जा रहा है और अनुज की तलाश में मदद करने के लिए वे तैयार हैं। हालांकि, परिजन इससे संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने अनुज से मुलाकात तथा उसके बारे में स्पष्ट जानकारी मिलने तक धरना जारी रखने की बात कही। परिवार की ओर से आश्रम की कार्यप्रणाली और बेटे से संपर्क नहीं हो पाने को लेकर सवाल भी उठाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब वृंदावन स्थित आश्रम से जुड़े एक अन्य शिष्य की मौत को लेकर भी जांच और चर्चा चल रही है। 25 वर्षीय दीपक लोधी, जिन्हें रसिक दुलारी शरण के नाम से भी जाना जाता था, की मौत के मामले में सामने आए सीसीटीवी फुटेज की पुलिस जांच कर रही है। दोनों मामलों को अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखा जा रहा है और अनुज के लापता होने की जांच में उसके परिवार की शिकायत, आश्रम के रिकॉर्ड और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल अनुज चौधरी का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आश्रम से संबंधित रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। अनुज के परिजन बेटे की सुरक्षित वापसी और उससे मुलाकात की मांग को लेकर आश्रम के बाहर धरने पर बैठे हैं। जांच पूरी होने और ठोस जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तीन जुलाई को घर से निकलने के बाद अनुज कहां रहा और वर्तमान में वह कहां है।


