PNB Bank Fraud: ग्रेटर नोएडा की पीएनबी शाखा में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी का आरोप, पांच कर्मचारी निलंबित और 18 शिकायतों पर FIR
ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में खाताधारकों के करोड़ों रुपये गायब होने के आरोपों ने गंभीर विवाद खड़ा कर दिया है। कई ग्राहकों ने अपने बचत खातों, चालू खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट से संबंधित रकम में गड़बड़ी होने की शिकायत की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कथित वित्तीय अनियमितता की राशि लगभग 30 से 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है, हालांकि वास्तविक रकम की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामला सामने आने के बाद बैंक प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई है। उनकी जगह नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। पुलिस ने 18 लोगों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कुछ खाताधारकों का आरोप है कि उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट का बैलेंस शून्य दिखाई दे रहा है। अन्य ग्राहकों ने शिकायत की कि बचत खातों में जमा तीन से चार लाख रुपये की जगह केवल 16 से 20 हजार रुपये शेष दिख रहे हैं। सरकारी मुआवजे की रकम जमा कराने वाले कुछ खाताधारकों ने भी अपने खातों से धनराशि गायब होने का आरोप लगाया है।
ग्राहकों के अनुसार, कुछ खातों में सरकारी मुआवजे के रूप में प्राप्त बड़ी धनराशि भी उपलब्ध नहीं दिखाई दे रही थी। इन आरोपों के कारण शाखा में पहुंचने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई और कई ग्राहकों ने बैंक कर्मचारियों से जवाब मांगा।
मामला सामने आने की एक महत्वपूर्ण कड़ी ऐच्छर गांव निवासी ट्रांसपोर्टर विनीत भाटी की शिकायत बताई जा रही है। विनीत भाटी जय शिव ट्रांसपोर्ट नाम से फर्म चलाते हैं और उनका बैंक में चालू खाता है।
विनीत भाटी के अनुसार, उन्होंने म्यूचुअल फंड में निवेश से संबंधित कार्य के लिए बैंक कर्मचारियों से संपर्क किया था। उनका आरोप है कि शाखा प्रबंधक के कहने पर उन्होंने चेक और संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे।
शिकायत में विनीत ने बताया कि 25 लाख रुपये उनके बचत खाते में स्थानांतरित होने के बजाय किसी अन्य खाते में भेज दिए गए। यह खाता भी कथित तौर पर उनके नाम से बताया गया, लेकिन उनका कहना है कि वह खाता उनका नहीं था।
इसके बाद उन्होंने बीटा-2 कोतवाली में शिकायत देकर बैंक कर्मचारियों की भूमिका की जांच करने और 25 लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की। इसी दौरान शाखा में मौजूद अन्य खाताधारकों ने भी अपने खातों से रकम गायब होने की शिकायत की, जिसके बाद मामला व्यापक रूप से सामने आया।
शाखा में मौजूद कई ग्राहकों ने धनराशि को लेकर हंगामा भी किया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनके खातों में जमा रकम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
जानकारी के अनुसार, बैंक अधिकारियों ने ग्राहकों को भरोसा दिया कि उनकी रकम गुरुवार तक खातों में वापस आ जाएगी। हालांकि रकम किस प्रक्रिया के तहत गायब हुई, इसमें किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी थी या कर्मचारियों की कथित मिलीभगत, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मामले में एंटी करप्शन टीम द्वारा भी जांच किए जाने की जानकारी है। बैंक कर्मचारियों की भूमिका, लेनदेन के रिकॉर्ड और खातों में हुए बदलाव की जांच के बाद ही कथित अनियमितता का वास्तविक स्वरूप स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और प्रभावित खाताधारक अपनी रकम की सुरक्षा तथा वापसी को लेकर बैंक प्रशासन से स्पष्ट जवाब की अपेक्षा कर रहे हैं। इस मामले में किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।





