Pandav Nagar Building Tilt: पांडव नगर में जेसीबी से खुदाई के दौरान दो बहुमंजिला इमारतों में आईं दरारें, MCD ने जैक लगाकर परिवारों को सुरक्षित निकाला
पूर्वी दिल्ली के घनी आबादी वाले पांडव नगर में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब एक निर्माणाधीन प्लॉट की खुदाई के दौरान आसपास की दो बहुमंजिला रिहायशी इमारतें अचानक एक तरफ झुक गईं और उनकी दीवारों में गहरी दरारें उभर आईं। प्लॉट नंबर बी-126 और बी-127 पर बनी इन इमारतों के गिरने का खतरा देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD), स्थानीय पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। प्रशासन की फुर्ती से दोनों इमारतों में रहने वाले सभी परिवार सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए और बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक प्लॉट बी-126 पर नए निर्माण के लिए जेसीबी मशीन से गहरी नींव खोदी जा रही थी। आरोप है कि सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे बिना हुई इस खुदाई से बगल की इमारत की नींव कमजोर पड़ गई और दोनों इमारतें झुकने लगीं। पिछले हिस्से से लेकर ऊपरी मंजिलों तक चौड़ी दरारें पड़ गईं और दोनों भवनों के बीच करीब पांच इंच का खतरनाक फासला बन गया। इमारतों के चटकने की आवाज सुनते ही अंदर मौजूद लोग चीखते हुए जान बचाकर सड़क पर भाग निकले।
सूचना मिलते ही MCD के भवन विभाग के इंजीनियर और DDMA की टीम पहुंची। इंजीनियरों ने झुकी इमारतों को गिरने से रोकने के लिए आपातकालीन उपाय के तौर पर दोनों तरफ भारी हाइड्रोलिक जैक और बल्लियां लगाकर सहारा दिया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में दोनों इमारतों को असुरक्षित घोषित कर खाली करने का नोटिस चस्पा किया गया और आसपास की गली को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया गया। MCD की टीम अब ऊपरी मंजिलों के खतरनाक हिस्से को हथौड़ों और कटर से नियंत्रित तरीके से तोड़ रही है, ताकि निचली मंजिलों पर बोझ घटे। बेघर हुए परिवार सड़क पर खड़े होकर अपना जरूरी सामान निकालने की कोशिश करते दिखे।





