Noida Workers Protest: वेतन बढ़ाने की मांग पर सड़कों पर उतरे 500 से ज्यादा कर्मचारी, ट्रैफिक बाधित
Noida में न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिकों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला, जहां 500 से अधिक कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। एनएसईजेड मेट्रो और एलिवेटेड रैंप के पास बड़ी संख्या में जुटे इन कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और कंपनियों से लिखित जवाब की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को स्पष्ट रूप से स्वीकार नहीं किया जाता और कंपनियां लिखित आश्वासन नहीं देतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस विरोध के चलते कुलेसरा से ग्रेटर नोएडा की ओर जाने वाला मार्ग काफी समय तक बाधित रहा, जिससे यातायात पर भी असर पड़ा।
बताया जा रहा है कि फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र की ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट, एसएनडी और अनुभव समेत कई कंपनियों के कर्मचारी पिछले दो दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार से शुरू हुआ यह आंदोलन लगातार तेज होता गया और इसमें पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल रहीं।
सुबह के समय प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें शांत कराया और पास के एक पार्क में ले जाया गया। हालांकि, इसके बाद भी कर्मचारियों ने दादरी-सूरजपुर रोड पर दोबारा ट्रैफिक रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग रहे।
प्रदर्शन में शामिल कामगारों का कहना है कि उनकी सैलरी में केवल 250 से 300 रुपए की बढ़ोतरी की जा रही है, जो मौजूदा महंगाई के हिसाब से बेहद कम है। उनका कहना है कि एक दिहाड़ी मजदूर भी प्रतिदिन करीब 700 रुपए कमा लेता है, ऐसे में उनका वेतन बढ़ाया जाना जरूरी है। कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन 26,000 रुपए तक करने और नए श्रम कानूनों में बदलाव की मांग भी उठाई है।
इस बीच श्रमायुक्त उत्तर प्रदेश ने एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है, जिससे भ्रम और अस्थिरता पैदा हो सकती है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और औद्योगिक शांति बनाए रखना प्राथमिकता है।
फिलहाल, एनएसईजेड मेट्रो के पास भंगेल एलिवेटेड रैंप के आसपास बड़ी संख्या में कामगार अब भी धरने पर बैठे हुए हैं। यह आंदोलन इस बात का संकेत दे रहा है कि बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव का असर अब औद्योगिक श्रमिकों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो यह विरोध और व्यापक रूप ले सकता है।





