Women Harassment Case Noida: निजी कंपनी की महिला कर्मचारियों ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के कासना थाना क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी से जुड़ा महिला कर्मचारियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिलाएं पिछले छह महीने से उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगा रही हैं। महिला कर्मचारियों का दावा है कि उनकी शिकायत पर संबंधित वरिष्ठ कर्मचारी के खिलाफ पहले कार्रवाई की गई थी, लेकिन अब वह दोबारा कंपनी पहुंच गया है। महिलाओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने और कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की मांग की है।
महिला कर्मचारियों के मुताबिक, उन्होंने सबसे पहले कंपनी प्रबंधन के सामने अपनी शिकायत रखी थी। प्रबंधन की ओर से सहयोग का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने पुलिस से भी संपर्क किया। महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को पकड़ा था, लेकिन इसके बाद उन्हें सात दिन तक इंतजार करने के लिए कहा गया। उनका कहना है कि कंपनी में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और शिकायत दर्ज कराने के बावजूद एक सप्ताह बीतने तक उन्हें अपेक्षित कार्रवाई होती नजर नहीं आई।
शिकायत करने वाली महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें संबंधित पक्ष की ओर से धमकियों का सामना करना पड़ता है। उनके मुताबिक, उत्पीड़न, गाली-गलौज और अभद्रता की शिकायत उठाने वाली महिलाओं के खिलाफ ही कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर कर्मचारियों को सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए तथा शिकायत करने वालों को डराने या दबाव में लेने के बजाय उनकी बात निष्पक्षता से सुनी जानी चाहिए। महिलाओं ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है।
वहीं, कासना कोतवाली प्रभारी पंकज शर्मा ने मामले पर अलग पक्ष रखते हुए कहा कि महिलाओं के कृत्य से कंपनी को नुकसान हुआ था। उन्होंने बताया कि संबंधित महिलाएं थर्ड पार्टी के माध्यम से अनुबंध पर काम कर रही हैं। थाना प्रभारी के अनुसार, आरोप लगाने वाली महिला कोतवाली पहुंची थी और उसने बताया कि अब कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
फिलहाल, महिला कर्मचारियों की ओर से लगाए गए उत्पीड़न और धमकी के आरोपों तथा पुलिस की ओर से दिए गए बयान के बीच मामले की जांच जारी है। जांच के बाद ही घटनाक्रम और आरोपों से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


