Noida Vehicle Theft Gang: फेज-2 पुलिस ने दो वाहन चोरों को दबोचा, चोरी की 11 बाइक और अवैध हथियार बरामद
नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में दोपहिया वाहन चोरी करने के आरोप में फेज-2 थाना पुलिस ने बुधवार को दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और कब्जे से चोरी की कुल 11 मोटरसाइकिल के साथ अवैध हथियार बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
सेंट्रल नोएडा जोन के एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि फेज-2 थाना पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान सेक्टर-88 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर तिराहा कट के पास एक मोटरसाइकिल पर आ रहे दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए।
पुलिस टीम ने दोनों को जांच के लिए रुकने का इशारा किया। आरोप है कि पुलिस को देखकर दोनों ने रुकने के बजाय वहां से भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया और कुछ दूरी पर दोनों को पकड़ लिया।
पुलिस ने जिस मोटरसाइकिल पर दोनों आरोपी सवार थे, उसकी जांच की तो वह चोरी की निकली। इसके बाद दोनों की तलाशी ली गई। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस और एक चाकू भी बरामद किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अलीगढ़ जिले के बड़ागांव निवासी कृष्ण उर्फ लेफ्टी बंजारा और चित्रकूट जिले के भदेधू गांव निवासी मोहित के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों से वाहन चोरी की अन्य घटनाओं के संबंध में भी पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर दोपहिया वाहनों को निशाना बनाते थे। कॉलोनियों, कंपनियों के आसपास, साप्ताहिक बाजारों और दुकानों के बाहर खड़ी मोटरसाइकिलों पर उनकी नजर रहती थी।
आरोप है कि मौका मिलते ही दोनों खड़ी मोटरसाइकिल चोरी कर फरार हो जाते थे। भीड़भाड़ वाले स्थानों और ऐसे इलाकों को निशाना बनाया जाता था, जहां बड़ी संख्या में लोग अपने वाहन खड़े करके खरीदारी या अन्य काम के लिए जाते थे।
पुलिस का दावा है कि आरोपी चोरी के वाहनों का इस्तेमाल अन्य आपराधिक वारदातों में भी करते थे। पूछताछ में चोरी की मोटरसाइकिल से लूट की घटनाओं को अंजाम देने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इन दावों का पूर्व में दर्ज मामलों से मिलान कर रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी अपने पास अवैध हथियार भी रखते थे। पूछताछ में सामने आया कि पकड़े जाने या विरोध होने की स्थिति में लोगों को डराने और धमकाने के लिए इन हथियारों का इस्तेमाल करने की योजना रहती थी।
चोरी की मोटरसाइकिलों को बाद में बेच दिया जाता था और उनसे मिलने वाली रकम का इस्तेमाल आरोपी अपने निजी खर्च और मौज-मस्ती के लिए करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के वाहन किन लोगों को बेचे जाते थे और इस नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़ी अन्य चोरी की मोटरसाइकिलों का भी पता लगाया। कुल 11 चोरी की बाइक बरामद होने के बाद पुलिस उनके मालिकों और संबंधित मुकदमों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक उनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। अब बरामद वाहनों को पूर्व में दर्ज वाहन चोरी के मामलों से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।


