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Noida STP Project आठ नालों पर बनेंगे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 18 महीने में पूरा होगा काम

Noida STP Project आठ नालों पर बनेंगे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 18 महीने में पूरा होगा काम

नोएडा : Noida में नालों और नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। Noida Authority ने शहर के आठ प्रमुख नालों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाने की योजना को मंजूरी दी है, जिससे यमुना और हिंडन नदी में प्रदूषण को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।

इस परियोजना के पहले चरण में पांच नालों पर एसटीपी लगाने के लिए कंपनियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कंपनी के चयन के बाद निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक प्लांट पर लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इनकी क्षमता करीब 8 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) होगी।

यह निर्णय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal) के फरवरी 2020 के आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें नालों में गिरने वाले सीवेज के शोधन को अनिवार्य किया गया था। इसी आदेश के अनुपालन में यह योजना तैयार की गई है, ताकि शहर में जल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।

पहले चरण में जिन नालों को शामिल किया गया है, उनमें मोरना, सेक्टर-34, 25, 91, 105, 108, एमिटी यूनिवर्सिटी के पास, हरौला और सेक्टर-62 के नाले शामिल हैं। आवश्यकता पड़ने पर आगे अन्य नालों को भी इस योजना में जोड़ा जाएगा, ताकि पूरे शहर में सीवेज प्रबंधन को मजबूत किया जा सके।

इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए National Environmental Engineering Research Institute को जिम्मेदारी दी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, सभी एसटीपी प्लांट्स का निर्माण कार्य 18 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में नोएडा में सेक्टर-51, 54, 123 और 168 में आठ बड़े एसटीपी पहले से संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 210 एमएलडी है।

नई योजना के तहत छोटे स्तर के एसटीपी सीधे नालों के स्रोत पर लगाए जाएंगे, जिससे गंदा पानी नदी में जाने से पहले ही ट्रीट हो सके। इस पहल से शहर को “जीरो डिस्चार्ज” मॉडल की ओर ले जाने का लक्ष्य भी पूरा किया जाएगा।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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