Noida Ramlila 2026: नोएडा स्टेडियम में 11 से 21 अक्टूबर तक होगा भव्य रामलीला मंचन, 80 फीट का रावण होगा आकर्षण
रिपोर्ट: अजीत कुमार
नोएडा। श्री सनातन धर्म रामलीला समिति, नोएडा की ओर से इस वर्ष भी रामलीला मंचन और विजयदशमी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। समिति ने प्रेसवार्ता में बताया कि नोएडा स्टेडियम के रामलीला ग्राउंड, सेक्टर-21ए में 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक रामलीला का मंचन होगा। समिति पिछले 41 वर्षों से प्राधिकरण और प्रशासन के सहयोग से इस आयोजन को करती आ रही है। इस बार दिल्ली और मुंबई के टीवी एवं फिल्म जगत से जुड़े कलाकार रामलीला में विभिन्न भूमिकाएं निभाएंगे।
समिति के अनुसार, रामलीला का शुभारंभ 11 अक्टूबर को शाम 7 बजे गणेश पूजन के साथ होगा। उद्घाटन कार्यक्रम में गौतमबुद्धनगर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, पश्चिमी क्षेत्र उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, नोएडा विधायक पंकज सिंह, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष विमला बाथम, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता सहित कई गणमान्य लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुकेश शर्मा करेंगे, जबकि पीयूष द्विवेदी स्वागत अध्यक्ष और मधुसूदन दादू कार्यक्रम संयोजक की भूमिका निभाएंगे।
इस वर्ष रामलीला के मंच को विशेष रूप से आकर्षक रूप दिया जा रहा है। समिति के मुताबिक, मंच की थीम केदारनाथ धाम, बद्रीनाथ धाम और जगन्नाथ पुरी धाम पर आधारित होगी। मंच पर 3डी इफेक्ट और एलईडी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। डबल मंच को महल के स्वरूप में तैयार किया जा रहा है, जिसमें जंगल, पहाड़ और किले जैसे दृश्य भी विकसित किए जा रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि मंच की सजावट, प्रकाश व्यवस्था और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
रामलीला के दौरान 15 अक्टूबर को भव्य राम बारात निकाली जाएगी। यह बारात दोपहर 3 बजे सेक्टर-19 स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर से शुरू होगी और नोएडा के विभिन्न सेक्टरों से होते हुए रात करीब 8 बजे सेक्टर-21ए स्थित रामलीला मैदान पहुंचेगी। बारात में बैंड-बाजे, रथ, ढोल-नगाड़े और आकर्षक झांकियां शामिल होंगी। आयोजन के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और शहरवासियों के पहुंचने की उम्मीद है।
समिति के कार्यक्रम के अनुसार, 20 अक्टूबर को विजयदशमी के अवसर पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। इस वर्ष रावण का पुतला 80 फीट, कुंभकरण का 75 फीट और मेघनाद का 65 फीट ऊंचा होगा। आयोजकों के अनुसार, पुतलों को रंगीन सजावट और बिजली की रोशनी से सजाया जाएगा। दहन के दौरान आतिशबाजी भी आकर्षण का हिस्सा होगी। विजयदशमी के आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
रामलीला का समापन 21 अक्टूबर को भरत मिलाप के साथ होगा। इस दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम और डांडिया का आयोजन भी किया जाएगा। समिति ने बताया कि पूरे आयोजन के दौरान खानपान के फूड स्टॉल, झूले, सर्कस और फायरक्रैकर शो जैसी गतिविधियां भी रहेंगी, जिससे रामलीला मैदान में मेले जैसा माहौल बनेगा।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के लिए प्रशासन से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और सुरक्षाकर्मियों, स्वयंसेवकों तथा समिति के सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। आयोजन स्थल पर भीड़ प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी, ताकि श्रद्धालु और दर्शक सुरक्षित माहौल में रामलीला का आनंद ले सकें।
प्रेसवार्ता में समिति के चेयरमैन डॉ. टी.एन. गोविल, अध्यक्ष टी.एन. चौरसिया, महासचिव संजय बाली, कार्यकारी अध्यक्ष सुशील भारद्वाज, कोषाध्यक्ष अल्पेश गर्ग सहित समिति के अनेक पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। समिति ने शहरवासियों से रामलीला और विजयदशमी महोत्सव में शामिल होने की अपील की।


