Noida Police Action: पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का बड़ा एक्शन, लापरवाही पर पांच चौकी प्रभारी निलंबित
नोएडा। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने कार्यप्रणाली में लापरवाही सामने आने के बाद पांच उपनिरीक्षकों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन सभी निलंबित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही कई सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। शहर में चोरी, नकबजनी, गाड़ी चोरी और झपटमारी जैसी आपराधिक घटनाओं को रोक पाने में विफल रहने वाले पुलिसकर्मियों को भी सख्त चेतावनी जारी की गई है।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने गुरुवार देर रात ऑनलाइन गूगल मीटिंग के जरिए पुलिस महकमे के अधिकारियों और चौकी प्रभारियों के कामकाज का विस्तृत ब्योरा लिया। इस बैठक के दौरान जनता से मिली शिकायतों के निस्तारण, शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक और पुलिस विभाग की जवाबदेही को लेकर समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के कामकाज में ढिलाई पाई गई, उनके विरुद्ध तत्काल सख्त कदम उठाने के निर्देश जारी किए गए। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि जनसुनवाई को गंभीरता से न लेने, मामलों का सही तरीके से समाधान न करने, काम में टालमटोल करने और असंतुष्ट फीडबैक की संख्या लगातार बढ़ने के कारण इन पांच उपनिरीक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
जिन पांच उपनिरीक्षकों को निलंबित किया गया है, वे अलग-अलग थानों की चौकियों में तैनात थे। इनमें थाना सेक्टर-24 के अंतर्गत आने वाली मोरना चौकी के प्रभारी अजित सिंह और सेक्टर-12/22 चौकी के प्रभारी अक्षय प्रताप शामिल हैं। इन दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए निलंबित किया गया है। इसके अलावा जेवर थाने की आरआर साइट चौकी पर तैनात प्रभारी बिरजलाल को भी पद से निलंबित कर दिया गया है। सूरजपुर थाने के अंतर्गत आने वाली कस्बा सूरजपुर चौकी के प्रभारी कपिल पांडे और इसी सूरजपुर थाने की कचहरी चौकी के प्रभारी अनिल कुमार पर भी कार्रवाई की गाज गिरी है। इन सभी पांचों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के स्पष्ट निर्देशों के बाद सिर्फ उपनिरीक्षक ही नहीं, बल्कि कई वरिष्ठ अधिकारियों पर भी जांच की आंच पहुंची है। प्रशासनिक स्तर पर एसीपी-2 नोएडा, एसीपी-2 ग्रेटर नोएडा और एसीपी-4 ग्रेटर नोएडा के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही तीन प्रमुख थानों के प्रभारी निरीक्षकों को भी जांच के दायरे में लाया गया है, जिनमें सेक्टर-113 थाना, बीटा-2 थाना और दादरी थाना शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों के विरुद्ध जनशिकायतों के निस्तारण में ढिलाई और असंतोषजनक प्रदर्शन को लेकर प्राथमिक जांच बैठा दी गई है।
विभिन्न क्षेत्रों की पुलिस चौकियों और हल्का प्रभारियों के कामकाज पर भी शिकंजा कसा गया है। सेक्टर-126 थाने की ओखला चौकी, सेक्टर-39 थाने की सेक्टर-98 चौकी, इकोटेक-3 थाने की सरस्वती इंक्लेव चौकी, फेस-2 थाने की कचहरी चौकी, जारचा थाने की कलौंदा चौकी, कासना थाने की सिरसा चौकी और बिसरख थाने की शाहबेरी/चिपियाना चौकी के प्रभारियों के खिलाफ भी प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही दनकौर थाने के अंतर्गत हल्का-1 के प्रभारी और इकोटेक-1 थाने के हल्का-3 के प्रभारी के विरुद्ध भी जांच संस्थित की गई है। इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान न करने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
क्षेत्र में अपराधों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी सख्ती बरती गई है। चोरी, गृहभेदन, वाहन चोरी और झपटमारी जैसी घटनाओं की रोकथाम में प्रभावी कदम न उठा पाने के कारण कई क्षेत्रों की चौकियों के प्रभारियों के खिलाफ जांच शुरू की गई है। इनमें सदरपुर चौकी, एनआईबी चौकी, झुंडपुरा/गोलचक्कर चौकी, ममूरा/गढ़ी चौखंडी चौकी, एच ब्लॉक/बहलोलपुर चौकी और गौर सिटी-1/2 चौकी के प्रभारी शामिल हैं। इसके अलावा एच्छर/अल्फा चौकी, कस्बा दादरी/रेलवे रोड/अजायबपुर चौकी और नॉलेज पार्क थाने के हल्का प्रभारी-2/3 के खिलाफ भी प्रारंभिक जांच बिठाते हुए उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई है। पुलिस कमिश्नरेट ने साफ किया है कि लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई होगी और निष्पक्ष जनसुनवाई ही प्राथमिकता है।





