Noida Heatwave Health Alert: बढ़ती गर्मी से अस्पतालों में मरीजों की भीड़, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
Noida में बढ़ती गर्मी के साथ ही बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ने लगा है। चिलचिलाती धूप और हीटवेव के असर से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालात यह हैं कि सुबह से ही अस्पतालों में लंबी कतारें लग रही हैं और ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को ऑनलाइन ओपीडी में 526 मरीजों ने डायरिया, सिरदर्द, चक्कर, बुखार और उल्टी जैसी समस्याओं को लेकर परामर्श लिया, जबकि जनरल फिजिशियन की ओपीडी में 465 मरीज पहुंचे। डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर मरीज गर्मी और डिहाइड्रेशन से जुड़ी बीमारियों से परेशान हैं।
जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आद्या सिंह के अनुसार सुबह आठ बजे से ही मरीजों की भीड़ शुरू हो गई थी। बड़ी संख्या में लोग उल्टी, दस्त, बुखार और डायरिया की शिकायत लेकर पहुंचे। खासकर छोटे बच्चों में जंक फूड और खराब खाने के कारण उल्टी और पेट से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखने को मिल रही हैं, जिन्हें तुरंत बाल रोग विशेषज्ञों के पास भेजा जा रहा है।
डॉक्टरों ने बताया कि बुजुर्ग और महिलाएं बाहर काम करने के दौरान डिहाइड्रेशन का शिकार हो रही हैं, जबकि 30 से 49 वर्ष आयु वर्ग के लोग व्यस्त दिनचर्या के चलते अपनी सेहत को नजरअंदाज कर रहे हैं। अस्पताल की इमरजेंसी में भी रोजाना 10 से 15 मरीज बुखार, डायरिया और अन्य समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं, जिनका तुरंत इलाज शुरू किया जा रहा है।
मरीजों की बढ़ती संख्या का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार दोपहर तक 3556 लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, जबकि सोमवार को यह संख्या 3422 और उससे पहले 3055 थी। यह लगातार बढ़ोतरी स्वास्थ्य विभाग के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हीटवेव से बचाव के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि घर से बाहर निकलते समय छाता, टोपी या गमछा का इस्तेमाल करें और पर्याप्त मात्रा में पानी साथ रखें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और बाहर जाते समय चेहरे, सिर और गर्दन को गीले कपड़े से ढककर रखें।
खानपान में ताजा और हल्का भोजन लेने की सलाह दी गई है, जिसमें खीरा, ककड़ी और तरबूज जैसे पानी से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल हैं। इसके अलावा लस्सी, नींबू पानी, छाछ, नमक-चीनी का घोल और आम का पन्ना जैसे पेय पदार्थ शरीर को ठंडा रखने में मददगार बताए गए हैं।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि हीटवेव के दौरान अगर किसी व्यक्ति को घबराहट, चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन, तेज बुखार या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत आराम करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता लें।
साथ ही यह भी सलाह दी गई है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, ज्यादा तैलीय और मसालेदार भोजन से बचें और चाय-कॉफी का सेवन कम करें। बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहनों में अकेला छोड़ना बेहद खतरनाक हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सावधानी और सही खानपान अपनाकर ही गर्मी के इस प्रकोप से बचा जा सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सके।


