Noida Ganga Water Supply: 11-12 नवंबर से सामान्य हो सकती है गंगाजल आपूर्ति, गंगनहर की सफाई जारी
नोएडा। नोएडा में 11 और 12 नवंबर से गंगाजल की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है। गंगनहर की सफाई और मरम्मत का काम 10 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद हरिद्वार से पानी छोड़े जाने पर गाजियाबाद के प्रताप विहार स्थित प्लांट से गंगाजल की सप्लाई शुरू होगी। हालांकि, दीपावली के दौरान लोगों को कम प्रेशर से पानी मिलने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
गंगनहर की सफाई के लिए 21 अक्टूबर से गंगाजल की सप्लाई बंद है। ऐसे में नोएडा में रेनीवेल और नलकूपों के जरिए पानी की अतिरिक्त आपूर्ति की जा रही है। इसके बावजूद खासकर हाईराइज सोसायटियों में पानी का प्रेशर कम होने की शिकायतें मिल रही हैं। प्राधिकरण के मुताबिक, 11 नवंबर के बाद आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
गंगनहर बंद होने से गाजियाबाद के प्रताप विहार स्थित 240 एमएलडी और 120 एमएलडी क्षमता वाले दोनों गंगाजल प्लांटों से आपूर्ति प्रभावित है। इन प्लांटों में गंगनहर के पानी को शोधित करने के बाद अलग-अलग इलाकों में भेजा जाता है। यहां से मिलने वाले कुल पानी का करीब 75% हिस्सा नोएडा को मिलता है।
गंगाजल की आपूर्ति बंद होने से नोएडा के पुराने सेक्टरों और सेवन एक्स सोसायटियों में पानी की समस्या हो सकती है। वहीं, शेष पानी इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी, सिद्धार्थ विहार और डेल्टा कॉलोनी के बृज विहार, सूर्यनगर, रामप्रस्थ, चंद्रनगर व रामपुरी समेत अन्य इलाकों में दिया जाता है। इन क्षेत्रों में भी नहर बंद रहने तक नियमित आपूर्ति प्रभावित रहेगी।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मानसून के दौरान गंगनहर में बड़ी मात्रा में सिल्ट जमा हो जाती है। इसे हटाने और नहर की मरम्मत के लिए हर साल सफाई कराई जाती है। इस दौरान नहर से पानी की आपूर्ति रोकनी पड़ती है।
योजना के मुताबिक, 7 नवंबर की आधी रात के बाद हरिद्वार से गंगनहर में पानी छोड़ा जाएगा। इसके बाद पानी प्रताप विहार स्थित प्लांटों तक पहुंचेगा और शोधन की प्रक्रिया पूरी होने पर सप्लाई शुरू होगी। तब तक नोएडा के लोगों को पेयजल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना होगा।




