Noida: 1 जनवरी से परिवहन विभाग में नहीं होगी व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच, निजी स्वचलित परीक्षण स्टेशनों में होगी

Noida: 1 जनवरी से परिवहन विभाग में नहीं होगी व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच, निजी स्वचलित परीक्षण स्टेशनों में होगी

नोएडा। 1 जनवरी से सेक्टर-33 स्थित सहायक संभागीय परिवहन विभाग कार्यालय में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच नहीं होगी। इसके बाद वाहन मालिकों को अपनी गाड़ियों की फिटनेस जांच निजी स्वचलित परीक्षण स्टेशन (Automated Testing Station – ATS) में करानी होगी। परिवहन विभाग के अनुसार, अगले एक हफ्ते में ग्रेटर नोएडा के दादरी में पहला स्वचलित परीक्षण स्टेशन चालू होने की संभावना है।

वर्तमान में परिवहन विभाग में हर महीने औसतन दो हजार से अधिक व्यावसायिक वाहन फिटनेस जांच के लिए पहुंचते हैं। नए साल से यह पूरी प्रक्रिया निजी स्वचलित परीक्षण स्टेशनों में स्थानांतरित हो जाएगी। इससे पहले स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया भी निजी केंद्रों को सौंप दी गई है।

परिवहन विभाग के मोटर वाहन निरीक्षक संजय राय ने बताया कि जिले में दो स्वचलित परीक्षण स्टेशन शुरू किए जा रहे हैं। इनमें से पहला स्टेशन दादरी स्थित प्रणाम बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड में तैयार है और अगले एक हफ्ते में चालू होने की उम्मीद है। किसी कारणवश यदि यह स्टेशन निर्धारित तिथि तक शुरू नहीं होता है तो मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के आधार पर अन्य व्यवस्थाएँ लागू होंगी। नियम के अनुसार, किसी भी जिले के वाहन की निकटवर्ती जिले के ATS में फिटनेस जांच की जा सकती है।

कुछ विशेष वाहनों की जांच विभाग कार्यालय में ही होगी
परिवहन विभाग ने बताया कि कुछ विशेष प्रकार के वाहनों की फिटनेस जांच विभाग कार्यालय में ही जारी रहेगी। इनमें व्यावसायिक पावर टिलर (जुताई और फसल की बुवाई के लिए), कृषि ट्रैक्टर, क्रेन लगे वाहन, हार्वेस्टर, फोर्कलिफ्ट (औद्योगिक ट्रक), रिग ट्रक, बुल्डोजर, डंफर और रोड रोलर जैसे वाहन शामिल हैं।

निकटवर्ती जिलों के वाहन भी कर सकेंगे जांच
नियम के अनुसार किसी भी व्यावसायिक वाहन की फिटनेस जांच निकटवर्ती जिले के ATS में भी कराई जा सकती है। ऐसे में जिले में ATS चालू होने के बाद दिल्ली और आसपास के जिलों के वाहन भी यहां फिटनेस जांच के लिए लाए जा सकते हैं।

स्वचलित परीक्षण स्टेशन के फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार स्वचलित परीक्षण स्टेशन से वाहन की फिटनेस जांच तेज़ और सटीक होती है। जांच के दौरान यदि कोई वाहन अनफिट पाया जाता है, तो उसे सड़क पर चलाने के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं दिया जाएगा। इससे समय की भी काफी बचत होती है और वाहन मालिकों को स्पष्ट जानकारी मिलती है।

आवेदन प्रक्रिया में बदलाव नहीं
वाहन मालिकों को फिटनेस जांच के लिए परिवहन विभाग की वेबसाइट www.parivahan.gov.in पर आवेदन करना होगा। पूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुक किए गए टाइम स्लॉट के अनुसार वाहन को ATS में जांच के लिए ले जाना होगा।

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