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Noida District Hospital: महिला डॉक्टर ने लिपिक पर अभद्रता का आरोप लगाया, सीएमओ के बाद डीएम से शिकायत

Noida District Hospital: महिला डॉक्टर ने लिपिक पर अभद्रता का आरोप लगाया, सीएमओ के बाद डीएम से शिकायत

नोएडा। जिला अस्पताल की एक महिला डॉक्टर ने अस्पताल में कार्यरत एक लिपिक पर अभद्रता और अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया है। महिला डॉक्टर का कहना है कि 23 सितंबर को सीएमएस कार्यालय में किसी काम से जाने के दौरान लिपिक ने उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करने और कार्यालयीय प्रक्रिया के दौरान उनसे अनुचित तरीके से बातचीत की। डॉक्टर ने उसी दिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर अब उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की है।

महिला डॉक्टर के अनुसार, 23 सितंबर को करीब सुबह 10 बजे वह किसी कार्यालयीय कार्य से सीएमएस कार्यालय पहुंची थीं। इसी दौरान वहां कार्यरत लिपिक फरीद अहमद से उनकी बातचीत हुई। डॉक्टर का आरोप है कि उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया के दौरान लिपिक ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया और अभद्र तथा अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

घटना के बाद महिला डॉक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसी दिन सीएमओ कार्यालय में शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने कथित अभद्रता की घटना की जांच कराने और जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, उनके मुताबिक शिकायत देने के बाद भी चार दिन तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

कार्रवाई नहीं होने पर महिला डॉक्टर ने अब जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने अपनी शिकायत में घटना की निष्पक्ष जांच के लिए मौके से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया है। डॉक्टर ने विशेष रूप से सीएमएस कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है, ताकि घटना के समय वहां मौजूद लोगों और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सके।

महिला डॉक्टर ने उपस्थिति रजिस्टर और कार्यालय से संबंधित अन्य अभिलेखों की भी जांच कराने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि इन रिकॉर्ड के जरिए घटना के समय उनकी मौजूदगी और कार्यालयीय प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सकती है। इसके अलावा उन्होंने घटना के समय कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के बयान दर्ज कराने की भी मांग की है।

मामले में महिला डॉक्टर की शिकायत के आधार पर अब प्रशासन के स्तर पर जांच किए जाने की मांग उठी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल संबंधित लिपिक की ओर से इस मामले में कोई अलग पक्ष या प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।

जिला अस्पताल जैसे स्वास्थ्य संस्थान में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कामकाजी व्यवहार को लेकर सामने आया यह मामला चर्चा में है। महिला डॉक्टर ने शिकायत में आरोप लगाया है कि कार्यालय में उनके साथ जिस तरह से बातचीत की गई, वह अनुचित और अपमानजनक थी। अब उनकी मांग है कि मामले की जांच उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित कर्मचारियों के बयानों के आधार पर की जाए।

सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने की मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि फुटेज से घटना के समय कार्यालय में मौजूद लोगों और वहां हुई गतिविधियों की स्थिति की पुष्टि हो सकती है। इसी तरह उपस्थिति रजिस्टर और अन्य कार्यालयीय रिकॉर्ड जांच का हिस्सा बनाए जाने से शिकायत से जुड़े तथ्यों को व्यवस्थित तरीके से परखा जा सकता है।

फिलहाल महिला डॉक्टर ने जिलाधिकारी से मामले में कार्रवाई की मांग की है और जांच के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाने का अनुरोध किया है। अब प्रशासन की ओर से शिकायत पर क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, यह आगे स्पष्ट होगा। लिपिक पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि या खंडन संबंधित जांच के आधार पर ही हो सकेगा।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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