Noida Development: ‘सबका नोएडा, समृद्ध नोएडा’ के संकल्प के साथ RWA अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने शासन और प्राधिकरण से की अपील
रिपोर्ट: अजीत कुमार
नोएडा। शहर के समग्र विकास को केवल ऊंची इमारतों, चौड़ी सड़कों और आधुनिक सुविधाओं तक सीमित न रखते हुए आम नागरिकों की जरूरतों से जोड़ने की मांग उठाई गई है। सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने नोएडा प्राधिकरण और शासन से अपील की है कि विकास योजनाओं में पुलिसकर्मियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहतर आवास, मध्यम वर्ग के लिए किफायती घर तथा छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनाने को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने ‘सबका नोएडा, समृद्ध नोएडा’ की सोच के साथ शहर के विकास में हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
दिव्य कृष्णात्रेय का कहना है कि नोएडा ने पिछले वर्षों में आधुनिक बुनियादी ढांचे, ऊंची इमारतों, हरियाली और बेहतर सड़कों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। इस विकास में शासन, प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। हालांकि, उनके मुताबिक किसी शहर की वास्तविक पहचान केवल उसकी भव्य इमारतों और आधुनिक सुविधाओं से नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा, सुविधाओं और जीवन की गुणवत्ता से भी तय होती है।
उन्होंने पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों के आवास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ये कर्मचारी शहर की सुरक्षा, शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में उनके और उनके परिवारों के लिए उपयुक्त, सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने नोएडा प्राधिकरण और शासन से मांग की कि पुलिसकर्मियों तथा अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक व्यवस्थित आवासीय परिसर विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। उनका मानना है कि बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिल सकती है।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने मध्यम वर्ग के लिए किफायती आवास और प्लॉट योजनाओं की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नोएडा में बड़ी संख्या में नौकरीपेशा परिवार रहते हैं, जो लगातार बढ़ते आवास खर्च और किराए के बोझ का सामना करते हैं। मेहनत से अपनी आजीविका चलाने वाले इन परिवारों के लिए अपने घर का सपना पूरा करना आसान नहीं है। ऐसे में प्राधिकरण को ऐसी आवासीय योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए, जिनकी कीमत मध्यम वर्ग की आर्थिक क्षमता के अनुरूप हो। उन्होंने मांग की कि किफायती आवास और प्लॉट से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक परिवारों को अपना घर खरीदने का अवसर दिया जाए।
दिव्य कृष्णात्रेय ने छोटे दुकानदारों, चाय-पान विक्रेताओं और रेहड़ी-पटरी संचालकों के लिए भी व्यवस्थित व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ये लोग अपनी मेहनत से परिवार का पालन-पोषण करते हैं और शहर की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भी योगदान देते हैं। उनके अनुसार, यदि प्रत्येक सेक्टर और व्यावसायिक क्षेत्र के आसपास नियोजित तरीके से मॉडल वेंडिंग जोन बनाए जाएं, तो छोटे कारोबारियों को कारोबार करने के लिए निर्धारित स्थान मिल सकता है। इससे सड़कों पर अतिक्रमण और अव्यवस्था कम करने तथा सार्वजनिक स्थानों को अधिक व्यवस्थित रखने में भी मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि वेंडिंग जोन की योजना बनाते समय साफ-सफाई, पेयजल, कचरा प्रबंधन और लोगों की आवाजाही जैसी बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखा जाना चाहिए। इससे छोटे विक्रेताओं को सम्मानजनक तरीके से आजीविका चलाने का अवसर मिलेगा और शहर की स्वच्छता तथा यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी सहायता मिल सकती है।
दिव्य कृष्णात्रेय के अनुसार, एक आदर्श शहर वही है जहां औद्योगिक विकास और निवेश के साथ-साथ आम नागरिकों की आवास संबंधी जरूरतों, सरकारी कर्मचारियों की सुविधाओं और छोटे कारोबारियों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में समाज के सभी वर्गों को शामिल करने से ही शहर को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और समृद्ध बनाया जा सकता है।
उन्होंने नोएडा प्राधिकरण और शासन से अपील की कि इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर ऐसी नीतियां बनाई जाएं, जिनका लाभ शहर के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचे। उनके मुताबिक, ‘सबका नोएडा, समृद्ध नोएडा’ का संकल्प तभी सार्थक होगा, जब आधुनिक विकास के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, समान अवसर और मानवीय संवेदनाओं को भी महत्व दिया जाएगा।


