Noida Data Center Growth: नोएडा और ग्रेनो में डेटा क्लस्टर नीति से टेक सेक्टर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

Noida Data Center Growth: नोएडा और ग्रेनो में डेटा क्लस्टर नीति से टेक सेक्टर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

उत्तर प्रदेश सरकार के हालिया बजट में डेटा क्लस्टर और डेटा अथॉरिटी बनाने के प्रावधान का सीधा लाभ नोएडा और ग्रेटर नोएडा को मिलने जा रहा है। पहले से ही देश के प्रमुख डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहे इन शहरों में अब निवेश और तकनीकी विकास को और रफ्तार मिलने की उम्मीद है। नई नीति से डेटा सेंटर कंपनियों को भूमि आवंटन, बुनियादी ढांचा और प्रशासनिक सहयोग में तेजी आएगी।

नोएडा में डेटा सेंटर से जुड़ी कई बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां पहले ही निवेश कर चुकी हैं, जबकि कई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पूर्व में डेटा सेंटर के लिए 13 भूखंडों की योजना निकाली थी। वहीं नोएडा में एक पूरा सेक्टर डेटा सेंटर गतिविधियों के लिए आरक्षित किया गया है। वर्तमान में नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में करीब 11 डेटा सेंटर के लिए भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जिनमें से कई संचालित हो रहे हैं और कुछ निर्माणाधीन हैं। आने वाले समय में और भूखंड आवंटित किए जाने की तैयारी है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने डेटा सेंटर क्षेत्र की कंपनियों के लिए अलग से भूमि आवंटन नीति तैयार की है, जिससे निवेश प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 मार्च 2025 को नोएडा के सेक्टर-132 में सीफी कंपनी के एआई-सक्षम डेटा सेंटर का लोकार्पण किया था। यह परियोजना करीब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ विकसित की जा रही है और इससे लगभग 700 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह उत्तर भारत के सबसे बड़े एआई-रेडी डेटा सेंटर में से एक है, जो 220 केवी के ऑन-प्रिमाइज सबस्टेशन के साथ संचालित होता है और उच्च घनत्व वाले सर्वर को सपोर्ट करता है।

ग्रेटर नोएडा में योट्टा कंपनी का डी1 डेटा सेंटर पहले से संचालित है, जिसे उत्तर भारत का डेटा सेंटर गेटवे भी कहा जाता है। 250 मेगावाट क्षमता वाले इस डेटा सेंटर में लगभग 60 लाख हाई डेफिनेशन फिल्मों के बराबर डेटा स्टोर करने की क्षमता है। डी1 के बाद डी2 और डी3 चरणों पर भी काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा नॉलेज पार्क-5 में करीब 10 एकड़ में फैले एक अन्य डेटा सेंटर प्रोजेक्ट का निर्माण जारी है, जिसकी क्षमता भी 250 मेगावाट से अधिक बताई जा रही है।

नवंबर 2022 में मुख्यमंत्री द्वारा ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में एक बड़े डेटा सेंटर का उद्घाटन किया गया था। जिले में कई अन्य परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं। डेटा क्लस्टर और डेटा अथॉरिटी के गठन से क्षेत्र में तकनीकी निवेश, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड सेवाएं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उद्योगों को नई गति मिलने की संभावना है। इससे न केवल आईटी सेक्टर को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा देश के अग्रणी डिजिटल हब के रूप में स्थापित होंगे।

Realme GT 6 भारत में लॉन्च होने की पुष्टि। अपेक्षित स्पेक्स, फीचर्स, और भी बहुत कुछ

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img