Noida Cyber Fraud: एपीके फाइल भेजकर वकील से 60 लाख रुपये ठगे, IGL गैस बिल अपडेट कराने का दिया झांसा
नोएडा। नोएडा के सेक्टर-134 में रहने वाले एक बुजुर्ग अधिवक्ता साइबर ठगी का शिकार हो गए। आरोपियों ने खुद को इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) का कर्मचारी बताकर गैस बिल अपडेट कराने के बहाने उनके मोबाइल पर एपीके फाइल भेजी। फाइल डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और आरोपियों ने एक से पांच अक्टूबर के बीच उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 60 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। बैंक खाते से रकम कटने के संदेश मिलने पर पीड़ित को धोखाधड़ी का पता चला। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-134 निवासी गौतम पेशे से अधिवक्ता हैं। शिकायत के मुताबिक, एक अक्टूबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को आईजीएल कंपनी का कर्मचारी बताया और कहा कि उनके गैस कनेक्शन का बिल बकाया है। अधिवक्ता ने जवाब दिया कि वह बिल का भुगतान पहले ही कर चुके हैं। इसके बाद आरोपी ने बिल का रिकॉर्ड अपडेट करने की बात कही और इसी बहाने उनके मोबाइल पर एक एपीके फाइल भेज दी।
फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल हुआ हैक
आरोप है कि गैस बिल का रिकॉर्ड अपडेट करने के नाम पर अधिवक्ता को एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए राजी किया गया। फाइल डाउनलोड होने के बाद साइबर ठगों ने उनके मोबाइल तक पहुंच हासिल कर ली। इसके बाद एक से पांच अक्टूबर के बीच बैंक खाते से कुल 60 लाख रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकाल लिए गए। मोबाइल पर रकम कटने के संदेश आने के बाद पीड़ित को ठगी का पता चला। उन्होंने पहले एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और फिर साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दी।
बैंक खातों की जानकारी जुटा रही पुलिस
थाना प्रभारी विजय सिंह राना ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और उनमें ट्रांसफर हुई रकम की जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किन खातों में पहुंची और इस वारदात में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गैस बिल, बिजली बिल या किसी अन्य सेवा को अपडेट कराने के नाम पर अनजान नंबर से भेजी गई एपीके फाइल डाउनलोड न करें। किसी कंपनी का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना उसके निर्देशों का पालन करने से बचें। संदिग्ध फाइल डाउनलोड करने से मोबाइल और उसमें मौजूद निजी तथा बैंकिंग जानकारी का दुरुपयोग हो सकता है।


