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Noida : कोर्ट ने शिक्षक रामकेश मीना को पॉक्सो मामले में बरी किया

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Noida : कोर्ट ने शिक्षक रामकेश मीना को पॉक्सो मामले में बरी किया

नोएडा। अपर सत्र न्यायाधीश/पॉक्सो विशेष न्यायाधीश की अदालत ने सात वर्षीय मानसिक रूप से दिव्यांग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के आरोपों में शिक्षक रामकेश मीना को बरी कर दिया। अदालत ने यह फैसला पर्याप्त साक्ष्यों की अनुपस्थिति और जांच में मिली खामियों के आधार पर सुनाया।

मामला 8 अगस्त 2023 का है, जब पीड़िता के पिता ने सेक्टर-39 थाने में तहरीर दी। शिकायत के अनुसार बच्ची स्कूल बस से स्कूल गई थी और लौटने पर उसकी मां ने उसके कपड़ों पर खून के धब्बे देखे। अगले दिन डॉक्टर ने यह पुष्टि की कि बच्ची के साथ यौन शोषण हुआ है। इसके बाद पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच में शिक्षक रामकेश मीना का नाम सामने आया और 25 जनवरी 2024 को उसके खिलाफ आरोप तय किए गए।

अदालत में अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह पेश किए, जिनमें पीड़िता के माता-पिता, स्कूल स्टाफ, डॉक्टर और जांच अधिकारी शामिल थे। पीड़िता मानसिक रूप से विशेष होने के कारण बयान देने में असमर्थ रही। मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं था और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट भी शिक्षक को अपराध से जोड़ने में असफल रही। अभियोजन पक्ष द्वारा घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज भी पेश नहीं किए गए।

जांच में मिली खामियों, गवाहों की शत्रुता और प्रत्यक्ष साक्ष्य की अनुपस्थिति को देखते हुए अदालत ने संदेह का लाभ शिक्षक को दिया और उसे बरी कर दिया।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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संवाददाता

Priyanka Singh

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