Noida Authority: नोएडा सिटिजन फोरम ने प्राधिकरण पर उठाए गंभीर सवाल, लोकपाल और रजिस्ट्री की मांग
नोएडा सिटिजन फोरम ने शहर की बिगड़ती व्यवस्थाओं और नागरिक अधिकारों की अनदेखी को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। फोरम की प्रेसवार्ता सोमवार को नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता फोरम के चेयरमैन और रिटायर्ड आईएएस डॉ. योगेन्द्र नारायण ने की। इस दौरान उन्होंने नोएडा प्राधिकरण और जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर कड़ा सवाल उठाया और कहा कि प्राधिकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लोकपाल की नियुक्ति अनिवार्य है।
डॉ. नारायण ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा भ्रष्टाचार रोकने के लिए एसआईटी और नागरिक सलाहकार बोर्ड बनाए जाने के आदेश के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने रजिस्ट्री संकट को गंभीर बताया और कहा कि हजारों परिवारों ने पूरी रकम देने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं पाई। बिल्डरों द्वारा मनमाने ट्रांसफर चार्ज और अन-रजिस्टर्ड फ्लैटों की अवैध बिक्री को भी फोरम ने गंभीर लापरवाही करार दिया।
फोरम ने पूर्ण-भुगतान वाले सभी फ्लैटों की तत्काल रजिस्ट्री खोलने की मांग की। महासचिव प्रशांत त्यागी ने कहा कि शहर में डंपिंग साइटों पर आग लगने, अवैध निर्माण, हाई-राइज इमारतों में फायर सेफ्टी संसाधनों की कमी, सफाई और कचरा प्रबंधन, बिजली कटौती, टूटे केबल, जल संकट, पुरानी सीवर लाइनों, बढ़ती भिक्षावृत्ति और ई-रिक्शा की अव्यवस्था जैसी समस्याएं जीवन के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। उन्होंने इन समस्याओं का त्वरित समाधान करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
फोरम की संरक्षक शालिनी सिंह ने कहा कि नागरिक शिकायत निवारण पोर्टल, अद्यतन सिटिजन चार्टर और प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में सिविल सोसाइटी की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सिटिजन फोरम नागरिकों के अधिकार, पारदर्शी प्रशासन और बेहतर शहरी प्रबंधन के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।
भारत और पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2024 में दो बार आमने-सामने हो सकते हैं। जानिए कैसे


