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Noida Authority Board: किसानों का मुआवजा 53 प्रतिशत तक बढ़ेगा, फ्लैट रजिस्ट्री में आएगी तेजी; बोर्ड बैठक में कई बड़े फैसले

Noida Authority Board: किसानों का मुआवजा 53 प्रतिशत तक बढ़ेगा, फ्लैट रजिस्ट्री में आएगी तेजी; बोर्ड बैठक में कई बड़े फैसले

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में किसानों, फ्लैट खरीदारों और शहर के बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। न्यू नोएडा में जमीन देने वाले किसानों के लिए मुआवजे और विकसित भूखंड की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। वहीं, पुरानी सोसायटियों में जीपीए के आधार पर खरीदे गए फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ करने और जीरो पीरियड पॉलिसी के तहत फ्लैटवार रजिस्ट्री की अनुमति देने का फैसला लिया गया है।

न्यू नोएडा यानी दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन के किसानों के लिए बोर्ड बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। फेज-1 और फेज-2 में जमीन देने वाले किसानों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बराबर मुआवजा देने के साथ छह प्रतिशत विकसित भूखंड देने का फैसला किया गया है। वहीं, फेज-3 और फेज-4 में किसानों को यमुना प्राधिकरण के बराबर मुआवजा और सात प्रतिशत विकसित भूखंड दिए जाएंगे। नए फैसले से किसानों को मिलने वाले मुआवजे में 53 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की बात कही गई है।

बोर्ड बैठक में पुराने फ्लैटों की रजिस्ट्री से जुड़ा बड़ा फैसला भी लिया गया। लंबे समय से जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी यानी जीपीए के आधार पर खरीदे-बेचे गए फ्लैटों की रजिस्ट्री को लेकर असमंजस बना हुआ था। अब प्राधिकरण ने पुरानी सोसायटियों में जीपीए के आधार पर बिके फ्लैटों की रजिस्ट्री को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से सेक्टर-21, सेक्टर-25 समेत अन्य पुराने आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के आधार पर लागू जीरो पीरियड पॉलिसी को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। इस नीति के तहत अब तक 4,187 फ्लैटों की रजिस्ट्री होने और 872 करोड़ रुपये का बकाया जमा होने की जानकारी दी गई है। पहले परियोजना का पूरा बकाया जमा होने के बाद ही प्राधिकरण की ओर से नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया जाता था।

अब बोर्ड ने फ्लैटवार रजिस्ट्री की मंजूरी देने का निर्णय लिया है। इससे जिन फ्लैटों से संबंधित निर्धारित बकाया जमा हो चुका है, उनकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में आसानी होने की उम्मीद है। इस बदलाव से लंबे समय से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे फ्लैट खरीदारों को राहत मिल सकती है और लंबित रजिस्ट्रियों की संख्या में कमी आने की संभावना है।

शहर की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बोर्ड ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूर किए हैं। सेक्टर-153 में पुलिस आयुक्त कार्यालय के निर्माण के लिए 13,347 वर्ग मीटर जमीन निशुल्क आवंटित करने की मंजूरी दी गई है। इससे पुलिस आयुक्त कार्यालय के लिए स्थायी बुनियादी ढांचा विकसित करने का रास्ता साफ होगा।

इसके अलावा सेक्टर-96 में निर्माणाधीन नोएडा प्राधिकरण के प्रशासनिक भवन से संबंधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है। यहां अधूरे टावर को 12 मंजिल तक बनाने की अनुमति दी गई है। इससे प्राधिकरण के विभिन्न विभागों और प्रशासनिक कार्यों के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा।

बोर्ड ने शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था से संबंधित प्रस्ताव पर भी फैसला लिया है। स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी को 30 महीने का अतिरिक्त समय विस्तार देने की मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और उसके रखरखाव को सुचारू बनाए रखना है।

बोर्ड बैठक में लिए गए इन फैसलों का असर किसानों से लेकर फ्लैट खरीदारों और शहर की प्रशासनिक व्यवस्था तक पर पड़ेगा। खासतौर पर किसानों के मुआवजे और विकसित भूखंड से संबंधित निर्णय तथा फ्लैटवार रजिस्ट्री की व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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