New Noida project: न्यू नोएडा परियोजना में तेजी, 80 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

New Noida project: न्यू नोएडा परियोजना में तेजी, 80 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

ग्रेटर नोएडा के बाद अब प्रदेश सरकार ने न्यू नोएडा (DNGIR) के विकास को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत करीब 80 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इन गांवों को अधिसूचित किया जा चुका है और अब इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने के लिए प्राधिकरण की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। न्यू नोएडा के विकास के लिए जारी नोटिफिकेशन के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू की जाएगी।
न्यू नोएडा परियोजना को क्षेत्र में औद्योगिक, आवासीय और वाणिज्यिक विकास का नया केंद्र बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह योजना आने वाले दो दशकों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की विकास आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी।

किसानों के मुआवजे पर फोकस
परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती किसानों के मुआवजे की दर तय करना है। प्रशासन इस पर विशेष ध्यान दे रहा है ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें। जिला प्रशासन और प्राधिकरण मिलकर एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं, जिसमें यह तय किया जाएगा कि किसानों को कितनी दर पर मुआवजा दिया जाएगा और अधिग्रहण के बदले कितनी विकसित भूमि उन्हें वापस मिलेगी। प्रस्ताव को शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
मुआवजा तय करने के लिए डीएम और प्राधिकरण की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें चार प्रमुख बिंदुओं पर विचार किया जाएगा — गांवों की जेवर एयरपोर्ट से दूरी, भूमि की उपयोगिता और बाजार मूल्य, ग्रेटर नोएडा सीमा से निकटता और बुलंदशहर जिले के सर्किल रेट। अधिकारियों का कहना है कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

हाइब्रिड मॉडल पर होगा अधिग्रहण
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया हाइब्रिड मॉडल पर आधारित होगी, जिसमें किसानों से आपसी सहमति और लैंड पूलिंग दोनों विकल्प शामिल होंगे। यानी, कुछ जमीन सीधे खरीदी जाएगी और कुछ किसानों के साथ विकास के बाद भूमि के हिस्से के रूप में लौटाई जाएगी। इससे किसानों को भविष्य में भूमि मूल्य वृद्धि का भी लाभ मिलेगा।

स्थानीय स्तर पर खुलेगा कार्यालय
जैसे ही शासन से मंजूरी मिलती है, चार लेखपाल, दो तहसीलदार और दो नायब तहसीलदारों की टीम गठित की जाएगी। यह टीम स्थानीय स्तर पर कार्यालय स्थापित करेगी और किसानों से संवाद कर अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। शुरुआती चरण में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे और जीटी रोड के आसपास के गांवों — जैसे जोखाबाद और सांवली — से कार्यवाही शुरू होगी। इन गांवों के प्रधानों से वार्ता भी शुरू कर दी गई है। किसानों की सहमति से जमीन खरीदने की दिशा में प्राधिकरण तेजी से बढ़ रहा है।

चार चरणों में बनेगा आधुनिक शहर
न्यू नोएडा को 209.11 वर्ग किलोमीटर (करीब 20,911 हेक्टेयर) क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसे चार चरणों में पूरा किया जाएगा —

  • 2023 से 2027: 3,165 हेक्टेयर
  • 2027 से 2032: 3,798 हेक्टेयर
  • 2032 से 2037: 5,908 हेक्टेयर
  • 2037 से 2041: 8,230 हेक्टेयर
    इस योजना के तहत अगले 15 से 20 वर्षों में न्यू नोएडा को एक सुव्यवस्थित, आधुनिक और पर्यावरण संतुलित शहर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। यहां आवासीय सेक्टर, औद्योगिक हब, हरित क्षेत्र और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक नया शहरी मॉडल तैयार किया जाएगा।

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