Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

New Delhi : माहेश्वरी समाज ने हर युग में देश को मजबूती दी : अमित शाह

New Delhi : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के जोधपुर में आयोजित माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन एंड एक्सपो 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि माहेश्वरी समाज ऐसा समाज है जिसने देश को हमेशा देने का ही काम किया है। उन्होंने कहा कि इस समाज से निकले लोगों ने हर क्षेत्र में देश को गौरवान्वित किया है और ऊंचे पदों पर पहुंचने के बावजूद अपनी जड़ों से गहरा जुड़ाव बनाए रखा है। इस अवसर पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अमित शाह ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब मुगलों के साथ युद्ध चल रहे थे तब राजाओं और महाराजाओं के खजाने भरने का कार्य माहेश्वरी समाज ने किया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी के नेतृत्व में चले आंदोलन को आर्थिक संबल देने में भी इस समाज के सेठों का बड़ा योगदान रहा। भले ही इसका पूरा लेखा-जोखा उपलब्ध न हो, लेकिन यह सर्वविदित है कि देश की आजादी के संघर्ष में माहेश्वरी समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। मुगलों के खिलाफ संघर्ष से लेकर आजादी के बाद देश को आत्मनिर्भर बनाने तक इस समाज का योगदान अमूल्य रहा है।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जब देश को विकास और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर आगे बढ़ना था, तब उद्योग, व्यापार, मैन्युफैक्चरिंग, वेल्थ जेनरेशन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में माहेश्वरी समाज ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस समाज ने यह सिद्ध किया कि परंपरा और प्रगति एक साथ चल सकती हैं।

अमित शाह ने कहा कि मारवाड़ियों को लेकर प्रचलित कहावत “जहां न पहुंचे रेलगाड़ी, वहां पहुंचे मारवाड़ी” माहेश्वरी समाज पर पूरी तरह लागू होती है। इस समाज ने देश-विदेश में फैलकर न केवल राजस्थान और भारत की पहचान बनाए रखी, बल्कि उन्हें समृद्ध और सशक्त भी बनाया। उन्होंने कहा कि हमारे समाज कभी देश को बांटने वाले नहीं रहे, बल्कि संगठन और एकता के प्रतीक रहे हैं। यदि देश का हर समाज अपने लोगों को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प ले ले, तो आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य स्वतः पूरा हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि संगठन से उत्पन्न शक्ति समाज ही नहीं, पूरे देश के लिए उपयोगी होती है। माहेश्वरी समाज ने सेवा के संकल्प को भी साकार किया है। एक हजार से अधिक लोगों को सम्मानजनक जीवन, आवास और सुविधाएं उपलब्ध कराना इस बात का प्रमाण है कि “अपना घर” की भावना इस समाज के संस्कारों में रची-बसी है।

अमित शाह ने कहा कि 1891 से आज तक माहेश्वरी समाज संगठित रहकर न केवल अपने समाज के कल्याण के लिए काम करता रहा है, बल्कि देश और अन्य समाजों की भी चिंता करता आया है। यह ऐसा समाज है जिसके हाथ में तलवार और तराजू दोनों शोभा देते हैं। स्वतंत्रता सेनानियों और भामाशाहों की सूची इतनी लंबी है कि पन्ने भर जाएं।

उन्होंने कहा कि 550 वर्षों के बाद रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो चुके हैं और राम मंदिर आंदोलन में सबसे पहली आहुति देने वाले दोनों भाई भी माहेश्वरी समाज से थे। देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण में इस समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें और स्वदेशी को जीवन मंत्र तथा स्वभाषा को व्यवहार का हिस्सा बनाएं। माहेश्वरी समाज हमेशा से नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला समाज रहा है।

अमित शाह ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर देश ने आजादी का अमृत महोत्सव मनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प 140 करोड़ देशवासियों के सामने रखा। यह संकल्प अब पूरे देश का सामूहिक संकल्प बन चुका है। जब 140 करोड़ लोग एक दिशा में चलते हैं तो देश 140 करोड़ कदम आगे बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए उत्पादन बढ़ाना, नए उत्पाद तैयार करना और स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करना आवश्यक है। 2014 में भारत 11वीं अर्थव्यवस्था था, आज चौथे स्थान पर है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। आत्मनिर्भरता ही सर्वोच्च स्थान तक पहुंचने का एकमात्र मार्ग है।

अमित शाह ने कहा कि बीते 11 वर्षों में भारत ने निर्यात दोगुना किया है, चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनी है, मैन्युफैक्चरिंग में विदेशी निवेश बढ़ा है और डिजिटल लेन-देन में भारत दुनिया में अग्रणी बना है। मोबाइल उत्पादन, स्टार्टअप, दवाइयों और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी भारत शीर्ष देशों में शामिल है। यह सब देश की युवा पीढ़ी के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा का मजबूत मंच तैयार करता है।

उन्होंने कहा कि स्वदेशी के साथ-साथ स्वभाषा भी उतनी ही आवश्यक है। दुनिया में आगे बढ़ने के लिए विदेशी भाषाएं सीखना जरूरी हो सकता है, लेकिन घर में बच्चों से मातृभाषा और हिंदी में संवाद करना चाहिए। इससे नई पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और जड़ों से जुड़ी रहेगी। भारतीय भाषाओं का उपयोग ही समाज और संस्कृति को जीवित रखता है और यही देश को आगे ले जाने का मजबूत आधार है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें