Navratri: नवरात्रों में मीट की दुकानें बंद कराने की मांग, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सीएम योगी के नाम सौंपा ज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। नवरात्रों के दौरान मीट की दुकानें बंद कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाली दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम दिया गया यह ज्ञापन एसीपी-3 ग्रेटर नोएडा रवि शंकर निम और दनकौर कोतवाली प्रभारी मनोज चौहान को सौंपा गया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने की भी मांग की।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष त्रिलोक गुर्जर नवादा के नेतृत्व में कार्यकर्ता अधिकारियों से मिले। इस दौरान उन्होंने नवरात्रों के दौरान मीट की दुकानों को बंद कराने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि धार्मिक पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भावनाओं और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
त्रिलोक गुर्जर ने मांग की कि सरकारी लाइसेंस और निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाली मीट की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने मंदिरों और स्कूलों के आसपास कथित रूप से अवैध तरीके से संचालित मीट की दुकानों की जांच कराने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करने की भी मांग की।
ज्ञापन में नवरात्रों के दौरान दिल्ली से ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का मुद्दा भी उठाया गया। त्रिलोक गुर्जर के अनुसार, इस दौरान दिल्ली से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अखंड ज्योत लेकर आते हैं। ऐसे में उनके आवागमन को सुगम बनाने के लिए यातायात व्यवस्था बेहतर करने और प्रमुख मार्गों पर पुलिस की गश्त बढ़ाने की जरूरत है।
कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से अनुरोध किया कि नवरात्रों के दौरान यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि प्रमुख मार्गों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
इस मौके पर संजीव सालवान, रेखा गुर्जर, प्रोफेसर संध्या समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाईं। अब इन मांगों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।


