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Kanpur Murder Case: करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की मास्टरमाइंड निकली बहू, 6 लाख रुपये में दी थी सुपारी

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Kanpur Murder Case: करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की मास्टरमाइंड निकली बहू, 6 लाख रुपये में दी थी सुपारी

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस जांच के बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, विनीत की हत्या की साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं बल्कि उनकी बहू शालू ने रची थी। ससुर की मौत के बाद फूट-फूटकर रोती नजर आई शालू को पुलिस ने इस हत्याकांड का कथित मास्टरमाइंड बताया है। आरोप है कि पैसों को लेकर नाराजगी के चलते उसने अपने ससुर की हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक विनीत मिनोचा की हत्या अचानक हुए किसी विवाद में नहीं की गई, बल्कि इसके लिए पहले से पूरी योजना तैयार की गई थी। डीसीपी कासिम अब्दाली ने मामले को लेकर बताया कि बहू शालू ने हत्या की साजिश रची थी और दोनों हमलावरों को घर के अंदर प्रवेश कराने में भी उसकी भूमिका सामने आई है।

हत्याकांड की जांच शुरू करने के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। अलग-अलग फुटेज और अन्य जानकारियों को जोड़ते हुए पुलिस एक ऐसे व्यक्ति तक पहुंची जो पहले विनीत मिनोचा के घर में काम कर चुका था। उसकी पहचान विशाल के रूप में हुई।

पुलिस जांच में सामने आया कि विशाल करीब छह साल पहले तक विनीत के घर पर नौकर था। बाद में उस पर चोरी का आरोप लगा था, जिसके बाद उसे घर से निकाल दिया गया था। हालांकि नौकरी से हटाए जाने के बावजूद विशाल का कथित तौर पर शालू और उसके पति से संपर्क बना रहा। वह कभी-कभार घर भी आता-जाता था।

लंबे समय तक घर में काम करने के कारण विशाल को परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। घर का कौन सदस्य किस समय बाहर जाता है, कब वापस आता है और विनीत मिनोचा आमतौर पर किस समय घर पहुंचते हैं, इन सभी बातों से वह परिचित था। पुलिस का मानना है कि इसी जानकारी का इस्तेमाल हत्या की योजना को अंजाम देने में किया गया।

पुलिस के मुताबिक शनिवार रात करीब 9:36 बजे शालू अपने पति और छह साल के बेटे के साथ घर से बाहर निकली थी। तीनों पार्टी करने के लिए गए थे। परिवार के घर से निकलने के करीब दस मिनट बाद दो लोग फ्लैट की ओर आते दिखाई दिए।

जब दोनों आरोपी फ्लैट में पहुंचे, उस समय विनीत मिनोचा घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस का दावा है कि आरोपी फ्लैट के अंदर दाखिल होने के बाद वहीं छिप गए और विनीत के लौटने का इंतजार करने लगे। दोनों करीब आधे घंटे तक फ्लैट के अंदर मौजूद रहे।

रात करीब 10:58 बजे विनीत मिनोचा घर वापस लौटे। इसके बाद आरोपियों ने कुछ समय तक इंतजार किया। पुलिस जांच के मुताबिक उनके घर लौटने के करीब आधे घंटे के भीतर हत्या को अंजाम दे दिया गया।

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि विनीत की हत्या के लिए आरोपियों की पहली योजना कुछ और थी। कथित तौर पर हत्या को हार्ट अटैक या सामान्य मौत के रूप में दिखाने की तैयारी की गई थी। इसके लिए आरोपियों को विनीत के सोने का इंतजार करना था।

योजना के अनुसार विनीत के सो जाने के बाद तकिये या किसी अन्य चीज से उनका गला दबाकर हत्या की जानी थी। इसके बाद मौत को हार्ट अटैक का रूप देने का प्रयास किया जाता, जिससे किसी पर आसानी से शक न हो और हत्या को सामान्य मौत समझा जाए।

लेकिन वारदात वाली रात विनीत देर तक नहीं सोए। इससे हमलावरों की पहले से बनाई गई योजना सफल नहीं हो सकी। पुलिस के मुताबिक परिस्थितियां बदलने के बाद आरोपियों ने हत्या का तरीका बदल दिया और चाकू से विनीत पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

हमले में विनीत के शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर कई जगह चाकू के गहरे घाव मिलने की बात सामने आई। इससे पुलिस को स्पष्ट हुआ कि विनीत पर बेहद हिंसक तरीके से हमला किया गया था।

जांच में डुप्लीकेट चाबी की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक पूर्व नौकर विशाल ने डुप्लीकेट चाबी के जरिए फ्लैट में प्रवेश किया था। इस तथ्य ने पुलिस का शक मजबूत किया कि हत्या के लिए पहले से विस्तृत तैयारी की गई थी और आरोपियों को घर में दाखिल होने का तरीका भी पता था।

वारदात की जांच के दौरान पुलिस के सामने एक और महत्वपूर्ण सवाल आया। विनीत मिनोचा संपन्न दवा कारोबारी थे और घर में पैसे, गहने तथा अन्य कीमती सामान मौजूद होने की संभावना थी। इसके बावजूद हत्या के बाद आरोपियों ने घर में किसी तरह की लूटपाट नहीं की।

घर से कीमती सामान नहीं ले जाने के कारण पुलिस को संदेह हुआ कि हत्या का मकसद लूट नहीं था। इसके बाद जांच की दिशा निजी और पारिवारिक कारणों की ओर बढ़ी। सीसीटीवी फुटेज, डुप्लीकेट चाबी, पूर्व नौकर की मौजूदगी और अन्य साक्ष्यों को जोड़ने के बाद पुलिस का शक परिवार के अंदर की कथित साजिश पर गहराता गया।

पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे पैसों को लेकर नाराजगी एक महत्वपूर्ण कारण के रूप में सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विनीत मिनोचा परिवार के आर्थिक मामलों और खर्चों पर काफी नियंत्रण रखते थे। आरोप है कि बहू शालू इस बात से नाराज रहती थी।

पुलिस का दावा है कि शालू को लगता था कि परिवार के पास पर्याप्त पैसा होने के बावजूद वह अपनी इच्छा के अनुसार खर्च नहीं कर पा रही है। यही नाराजगी कथित तौर पर धीरे-धीरे साजिश में बदल गई और उसने अपने ससुर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

जांच में दावा किया गया है कि हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। कथित सौदे के अनुसार हत्या के बाद दो लाख रुपये दिए जाने थे, जबकि बाकी चार लाख रुपये वारदात के 15 दिन बाद देने की बात हुई थी। पुलिस इस कथित आर्थिक लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

पुलिस ने हत्याकांड के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दोनों कथित हमलावरों को तलाश लिया। जवाहरपुरम के आसपास पुलिस ने दोनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को हत्या की कथित साजिश के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पूछताछ और जांच में जुटाए गए अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस शालू तक पहुंची। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल भेज दिया गया।

विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज, पूर्व नौकर विशाल की भूमिका, डुप्लीकेट चाबी के इस्तेमाल, घर में लूटपाट नहीं होने और पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। पुलिस अब हत्या की कथित साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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