Jammu Kashmir : जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी पर आधारित संयुक्त ऑपरेशन में लश्कर ए तैयबा के सीनियर कमांडर मूसा उर्फ आसिफ फौजी को मार गिराया। यह एनकाउंटर बडगाम जिले के खानसाहिब थाना क्षेत्र के गुरवतकलान में हुआ।
सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से मूसा की तलाश में थीं। हाल ही में उसके मूवमेंट को लेकर टेक्निकल और ह्यूमन इंटेलिजेंस मिली थी, जिसके बाद सभी एजेंसियों ने मिलकर उसे खत्म करने का विशेष प्लान तैयार किया था।
मूसा का मारा जाना जम्मू कश्मीर में लश्कर के नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके साथ ही 2022 से घाटी में सक्रिय लश्कर के चार सीनियर कमांडरों का पूरा समूह खत्म हो गया है। यह समूह कई बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार था, जिनमें हालन हमला अगस्त 2023, डीके फोर हमला दिसंबर 2023, कंडी हमला मई 2023, शाहसीतार हमला मई 2024, शिव खोरी हमला जून 2024, गगनगीर हमला अक्टूबर 2024, बूटापथरी हमला अक्टूबर 2024 और बैसरण हमला अप्रैल 2025 शामिल हैं।
इस ग्रुप के बाकी तीन आतंकियों को पहले ही अलग अलग मुठभेड़ों में ढेर किया जा चुका है। जुनैद भट को 3 दिसंबर 2024 को दाचीगाम में, सुलेमान को 28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन महादेव में और यासिर को 4 सितंबर 2026 को ऑपरेशन असधर में मारा गया था।
मूसा को मार गिराने के लिए हुई यह मुठभेड़ मई 2026 में शुरू हुए लंबे समय से चल रहे ऑपरेशन शेरूवाली का हिस्सा थी। पिछले कुछ सालों में जम्मू कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और सीएपीएफ के बीच बेहतर तालमेल के साथ चलाए जा रहे आतंकरोधी अभियानों का यह सकारात्मक परिणाम बताया जा रहा है।


