Jammu Kashmir Terror Module: जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 350 किलोग्राम विस्फोटक बरामद
जम्मू और कश्मीर पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसमें कम से कम दो प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों – पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद – से जुड़े लोग शामिल हैं। इस कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद में कई छापेमारी की गई।
अधिकारियों ने फरीदाबाद के अल-फलाह अस्पताल के डॉक्टर मुजम्मिल शकील और अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आदिल अहमद राठेर के निवास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए। बरामद सामग्री में 2,900 किलोग्राम बम बनाने का सामान, 350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, टाइमर, असॉल्ट राइफलें, हैंडगन और गोला-बारूद शामिल हैं। इसके अलावा, आईईडी या तात्कालिक विस्फोटक उपकरण बनाने की पुस्तिकाओं और आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले।
पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने श्रीनगर, अनंतनाग, गंदेरबल और शोपियां के साथ-साथ फरीदाबाद में छापेमारी की, जिससे इस सफेदपोश आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। इस नेटवर्क में कई डॉक्टर और पेशेवर शामिल हैं, जिन्हें पाकिस्तान और अन्य देशों में बैठे संचालक द्वारा निर्देशित किया जाता है। ये लोग आतंकवादी गतिविधियों, पोस्टर चिपकाने और संगठन के समर्थन में अन्य आपराधिक कार्यों में संलग्न थे।
इस कार्रवाई में आदिल राठेर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया, जब सीसीटीवी फुटेज में उन्हें जैश-ए-मोहम्मद का समर्थन करते पोस्टर लगाते हुए देखा गया। खुफिया सूत्रों के अनुसार, उनके अलावा पांच अन्य लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें श्रीनगर के आरिफ निसार डार, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद डार, शोपियां के मोलवी इरफान अहमद और गांदरबल के जमीर अहमद अहंगर शामिल हैं।
बरामद हथियारों में इटली निर्मित बेरेटा पिस्तौल और रूस निर्मित क्रिनकोव जैसी असॉल्ट राइफलें शामिल हैं। गोला-बारूद का बड़ा भंडार और लगभग 3,000 किलोग्राम आईईडी बनाने का सामान भी पाया गया। इस जखीरे का एक तिहाई से अधिक हिस्सा फरीदाबाद से बरामद हुआ।
पिछले सप्ताह मिली खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, जैश और अन्य पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन भारत में समन्वित हमलों की नई लहर की तैयारी कर रहे हैं। इसमें सीमा पार घुसपैठ, टोही और रसद शामिल हैं। लश्कर-ए-तैयबा और इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत के बीच पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा संचालित गुप्त गठबंधन भी सक्रिय है।
इस अभियान ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए सफेदपोश आतंकवादी नेटवर्क की चुनौती और इस नेटवर्क में पेशेवरों की भागीदारी को उजागर किया है। अधिकारियों ने कहा कि आगे की जांच जारी है और गिरफ्तार लोगों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा रही है।


