Interfaith Conference: नोएडा इस्कॉन में एक मंच पर जुटे विभिन्न धर्मों के गुरु, विश्व बंधुत्व और शांति का दिया संदेश

Interfaith Conference: नोएडा इस्कॉन में एक मंच पर जुटे विभिन्न धर्मों के गुरु, विश्व बंधुत्व और शांति का दिया संदेश

नोएडा। शहर के इस्कॉन मंदिर स्थित गोविंद धाम में विशेष अंतर्धर्मीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न धर्मों और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े प्रतिनिधियों और धर्मगुरुओं ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में आपसी भाईचारे, प्रेम, सद्भाव और शांति को मजबूत करने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में मानवता के लिए आपसी सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व बेहद महत्वपूर्ण है।

यह सम्मेलन इस्कॉन के संस्थापकाचार्य श्रील प्रभुपाद के अमेरिका पहुंचने की स्मृति में दुनियाभर में मनाए जा रहे ‘विश्व हरिनाम सप्ताह’ के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘विश्व बंधुत्व’ रखा गया था। इसके माध्यम से अलग-अलग धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं के बीच संवाद बढ़ाने तथा समाज को एकता का संदेश देने का प्रयास किया गया।

सम्मेलन में शामिल विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने अपने धार्मिक ग्रंथों और आध्यात्मिक परंपराओं के संदर्भ में ईश्वर के पवित्र नाम, प्रार्थना और स्मरण के महत्व पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि ईश्वर के प्रति श्रद्धा और प्रार्थना मनुष्य के जीवन में शांति, दया, करुणा और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस विचार पर भी चर्चा की कि परम सत्ता को विभिन्न धर्मों और संप्रदायों में अलग-अलग नामों से संबोधित किया जाता है। कोई भगवान, ईश्वर या परमात्मा के रूप में स्मरण करता है तो कोई अल्लाह, खुदा, रब या गॉड के नाम से पुकारता है। वक्ताओं का कहना था कि नाम और धार्मिक परंपराएं अलग होने के बावजूद इनके पीछे मानवता, प्रेम और शांति की भावना को महत्व दिया जाता है।

धर्मगुरुओं ने कहा कि धार्मिक विविधता को समाज में विभाजन का कारण बनाने के बजाय एक-दूसरे की आध्यात्मिक परंपराओं को समझने और उनका सम्मान करने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। अलग-अलग समुदायों के बीच संवाद बढ़ाने और परस्पर सम्मान बनाए रखने से सामाजिक सद्भाव और विश्व बंधुत्व की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

सम्मेलन में इस बात पर भी जोर दिया गया कि अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं के बावजूद समाज में आपसी संवाद बना रहना चाहिए। धर्म और आध्यात्मिकता के माध्यम से दया, करुणा, प्रेम और शांति जैसे मूल्यों को बढ़ावा देकर लोगों के बीच की दूरियों को कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने इस्कॉन नोएडा की इस पहल की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि अलग-अलग धर्मों के लोगों को एक मंच पर लाकर संवाद स्थापित करने वाले ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और शांति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सम्मेलन ने धार्मिक विविधता के बीच एकता, परस्पर सम्मान और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया।

 

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