Hydrogen Bus: ग्रेटर नोएडा से आगरा तक हाइड्रोजन बस चलाने की तैयारी, लंबी दूरी के रूट पर ट्रायल शुरू
नोएडा। ग्रेटर नोएडा से आगरा तक जल्द हाइड्रोजन बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। एनटीपीसी और यमुना विकास प्राधिकरण संयुक्त रूप से इन बसों के संचालन की योजना पर काम कर रहे हैं। गौतमबुद्ध नगर में शुरुआती ट्रायल के बाद अब बसों को आगरा तक लंबे रूट पर चलाकर उनकी तकनीकी क्षमता और प्रदर्शन की जांच की जा रही है।
एनटीपीसी ने यमुना प्राधिकरण के साथ मिलकर हाइड्रोजन बसों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत पहले नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के विभिन्न रूट पर बसों का ट्रायल रन किया गया था। शुरुआती योजना के मुताबिक ट्रायल करीब एक महीने तक चलना था, लेकिन लगभग 15 दिन तक ही बसों का परीक्षण किया गया।
इस दौरान बसों में कुछ तकनीकी खामियां सामने आई थीं। इन कमियों को दूर करने का काम किया जा रहा है, ताकि नियमित संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों की निगरानी में बसों की तकनीकी क्षमता और संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
इन हाइड्रोजन बसों में टोयोटा कंपनी की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। गौतमबुद्ध नगर में परीक्षण के बाद अब इन्हें ग्रेटर नोएडा से आगरा तक चलाने की तैयारी है। इसी को देखते हुए लंबे रूट पर ट्रायल किया जा रहा है।
ट्रायल के दौरान मुख्य रूप से यह जांच की जा रही है कि लंबी दूरी तय करते समय बसों में किसी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या तो नहीं आती। बस की क्षमता और लंबे रूट पर उसके प्रदर्शन से संबंधित पहलुओं पर भी नजर रखी जा रही है। अब तक किए गए परीक्षण को सफल बताया गया है।
यमुना प्राधिकरण के एसीईओ राजेश कुमार के मुताबिक इस महीने के अंत तक आगरा तक हाइड्रोजन बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी है। इससे ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत चल रहे ट्रायल के परिणामों के आधार पर बसों के नियमित संचालन की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल एनटीपीसी और यमुना प्राधिकरण लंबी दूरी के रूट पर बसों की विश्वसनीयता और तकनीकी प्रदर्शन को परखने में जुटे हैं।
