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Haryana Samadhan Shivir: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिकायतों के त्वरित समाधान के दिए निर्देश, एक साल में 55,365 शिकायतों का निपटारा

Haryana Samadhan Shivir: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिकायतों के त्वरित समाधान के दिए निर्देश, एक साल में 55,365 शिकायतों का निपटारा

चंडीगढ़, 9 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समाधान शिविरों में आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना है और इसमें आने वाले लोगों की समस्याओं को केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय गंभीरता से सुनकर उनका वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए शिकायत निवारण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने और किसी भी समस्या को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को चंडीगढ़ में समाधान प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के ओएसडी बीबी भारती, स्पेशल ऑफिसर भोपाल सिंह खदरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी जिलों के उपायुक्त और प्रशासनिक अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान समाधान शिविरों में कुल 92,848 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 55,365 शिकायतों का समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर दोहरी सत्यापन व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत शिकायतों की दोबारा समीक्षा की जाती है और संबंधित शिकायतकर्ताओं से फोन पर संपर्क करके यह जानकारी ली जाती है कि उनकी समस्या का समाधान हुआ है या नहीं।

बैठक में बताया गया कि समाधान की गई शिकायतों में से करीब 40,000 शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन पर संपर्क कर समाधान की स्थिति की जानकारी ली गई। इसके अलावा, राज्य स्तर पर 5,591 शिकायतों को दोबारा खोला गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोबारा खोली गई शिकायतों का भी गंभीरता से निपटारा किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को बार-बार अपनी समस्या लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी बताया कि करीब 11,500 शिकायतों का दोबारा खुलने के बाद निवारण किया गया।

नायब सिंह सैनी ने उन जिलों को शिकायतों के दोबारा खुलने की दर कम करने के लिए बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए, जहां यह दर 35 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को शिकायतों के मूल कारणों को समझना होगा, ताकि समस्या का ऐसा समाधान किया जा सके कि वह दोबारा उत्पन्न न हो। शिकायतकर्ता से सीधे बातचीत करने और समस्या के संबंध में विस्तार से जानकारी लेने से समाधान की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक समाधान शिविर में जिम्मेदार अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाए। अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय के साथ शिकायतों का निपटारा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिविरों में जिम्मेदार अधिकारी की तैनाती नहीं पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिलों से प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भी समाधान शिविरों में शामिल करने और शिविरों में हुई कार्रवाई से संबंधित विज्ञप्ति तथा एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) समय पर अपलोड करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों और उपमंडल अधिकारियों को स्वयं शिकायतों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी शिकायतों को पढ़कर और उनकी वास्तविक स्थिति समझकर ही निस्तारण करें। यदि किसी समस्या का समाधान मौजूदा नीतियों में बदलाव या नई नीति बनाने से संभव है, तो उस दिशा में भी कदम उठाए जाएं। इसके लिए सभी जिलों से 10 दिनों के भीतर नई नीतियों से संबंधित 10 सुझाव भेजने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ मामलों में नीतिगत अड़चनों के कारण लोगों को परेशानी होती है, जिन्हें अधिकारियों के हस्तक्षेप से दूर किया जा सकता है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सोनीपत, रोहतक, पानीपत, झज्जर, पंचकूला और सिरसा के उपायुक्तों से शिकायतों के दोबारा खुलने के मामलों पर भी चर्चा की। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि कुछ शिकायतें डिमांड, प्रॉपर्टी आईडी और पुलिस से संबंधित थीं। मुख्यमंत्री ने डिमांड से जुड़ी समस्याओं को अलग करके मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए, ताकि उनका उचित स्तर पर समाधान किया जा सके।

शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने सुबह के समय विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सफाई से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और सड़कों पर बने गड्ढों को भरने का काम भी तेज किया जाए। उन्होंने बताया कि सफाई और गड्ढे भरने के कार्यों के लिए स्थानीय निकायों को वाहन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। जिन शहरों में ठेकेदार निर्धारित मानकों के अनुसार सफाई के लिए वाहन उपलब्ध नहीं कराते, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने तालाबों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने और खाली कराई गई जगहों पर बेहतर परियोजनाएं विकसित करने के लिए सुझाव भेजने को भी कहा। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि समाधान शिविरों को जनता की समस्याओं के प्रभावी निस्तारण का माध्यम बनाया जाए और प्रत्येक शिकायत पर जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल यादव, मॉनिटरिंग एवं कोऑर्डिनेशन सेल की विशेष सचिव डॉ. प्रियंका सोनी, मुख्यमंत्री के ओएसडी राकेश संधु और विवेक कालिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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