ग्रेटर नोएडा में 60 सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण होगा

अमर सैनी

नोएडा। प्राधिकरण शहरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में 60 सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करेगा। इनमें पिंक और सामान्य दोनों तरह के होंगे। छह वर्क सर्किल् में दस दस स्थान भी चिन्हित किए गए है। यहां के स्वास्थ्य निरीक्षकों से मौके का सर्वेक्षण कर अंतिम रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से निविदा जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्राधिकरण द्वारा अब तक 16 सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रेटर नोएडा को साफ सुथरा बनाने के लिए प्राधिकरण ने सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार की है। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। प्रथम चरण में शहर की प्रमुख मार्केट अल्फा कमर्शियल बेल्ट, जगत फार्म बस स्टैंड,अल्फा-1 गोलचक्कर सहित भीड़भाड़ वाले स्थानों पर 32 शौचालयों का निर्माण किया जाना था। इसमें से 16 का काम पूरा हो चुका है, जबकि 16 का काम चल रहा है। अब इससे अलग 60 और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। प्राधिकरण के अधिकारी के मुताबिक, सीईओ की अनुमति मिलने के बाद नए सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है। स्थान चिन्हित किए जा चुके हैं। परियोजना पर जल्द से जल्द काम शुरू हो सके, इसके लिए सभी वर्क सर्किल के स्वास्थ्य निरीक्षकों से कहा गया है कि जो स्थान चिन्हित किए गए है, उसका मौके पर जाकर सर्वेक्षण किया जाए। यह पता लगाया जाए कि वहां पर सार्वजनिक शौचालयों की कितनी उपयोगिता है। छह वर्क सर्किल में 10- 10 शौचालय का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। गौरतलब है कि डेल्टा-1 लेबर चौक के पास, तुगलपुर, नॉलेज पार्क, नटो की मढैया, कासना आदि स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय के निर्माण की जरूरत महसूस की जा रही है।

स्वच्छता रैंकिंग में लाने की कोशिश

ग्रेटर नोएडा स्वच्छता के मामले में एक मिसाल बन सके, इसके लिए प्राधिकरण कई महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। कूड़े का शत प्रतिशत निस्तारण करने के साथ सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। भविष्य में बनने वाले 60 सार्वजनिक शौचालयों और निर्माणाधीन 16 शौचालयों का निर्माण पूरा हो जाने के बाद स्वच्छता में काफी मदद मिलेगी।

60 सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। छह वर्क सर्किल में 10- 10 स्थान चिन्हित किए गए हैं। प्रथम चरण में 32 सार्वजनिक शौचालयों शामिल थे। इन सबके बनकर तैयार हो जाने पर शहर को साफ सुथरा बनाने में मदद मिलेगी।

इंदु प्रकाश सिंह, ओएसडी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

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