Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में अवैध मीट दुकानों के खिलाफ संगठनों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में अवैध मीट दुकानों के खिलाफ संगठनों का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के देहात क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित मीट दुकानों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपकर नियमों का उल्लंघन कर चल रही मीट दुकानों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह ज्ञापन एसीपी-3 अरविंद कुमार के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाया गया।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि जिले के कई ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बिना लाइसेंस और मानकों के मीट की दुकानें धड़ल्ले से चल रही हैं। इन दुकानों से निकलने वाला कचरा खुले में फेंका जाता है, जिससे न केवल गंदगी फैल रही है बल्कि जनस्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

गौरक्षक प्रमुख त्रिलोक गुर्जर नवादा ने बताया कि खुले में फेंके गए मांस और अवशेषों को आवारा कुत्ते खाते हैं, जिससे उनके व्यवहार में आक्रामकता बढ़ गई है। ऐसे कुत्ते छोटे गोवंश, राहगीरों और बच्चों पर हमला कर रहे हैं। बीते समय में कई लोग इन हमलों में घायल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सामाजिक और धार्मिक भावनाओं के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मंदिरों के आसपास और सार्वजनिक स्थानों के पास भी अवैध मीट दुकानें संचालित की जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में रोष है। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि इन दुकानों की तत्काल पहचान कर उन्हें बंद कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो 1 जनवरी से जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक अवैध मीट दुकानों पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जाती और जनता को इस समस्या से राहत नहीं मिलती।

इस मौके पर गौरव नागर, गोविंद नागर, राजवीर सिंह, सुभाष नागर सहित बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और जनहित में सख्त निर्णय लेने की मांग की।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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