Greater Noida: ग्रेटर नोएडा सेक्टर डेल्टा वन में दूषित पानी की शिकायत पर प्राधिकरण सख्त, एसीईओ ने मौके पर पहुंचकर की जांच

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा सेक्टर डेल्टा वन में दूषित पानी की शिकायत पर प्राधिकरण सख्त, एसीईओ ने मौके पर पहुंचकर की जांच

रिपोर्ट: अजीत कुमार

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा वन में दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतों के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने जल विभाग की टीम के साथ सेक्टर का निरीक्षण किया और वहां रहने वाले निवासियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान जिन लोगों ने दूषित पानी की शिकायत की थी, उनसे भी विस्तार से चर्चा की गई। बातचीत में अधिकांश निवासियों ने बताया कि फिलहाल सेक्टर में स्वच्छ और साफ पानी की आपूर्ति हो रही है और उन्हें किसी तरह की गंभीर समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने सेक्टर की आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की और जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर जानकारी ली। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने भी प्राधिकरण की कार्रवाई पर संतोष जताया और कहा कि फिलहाल पानी की गुणवत्ता ठीक है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने एहतियात के तौर पर शिकायत करने वाले निवासियों के घरों से पानी के सैंपल एकत्र कर लिए हैं, जिन्हें बुधवार को ही लैब जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

जांच के दौरान जिन दो स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज और कनेक्शन से जुड़ी दिक्कतें पाई गई थीं, उन्हें भी उसी दिन दुरुस्त कर दिया गया। जल विभाग की टीम ने मौके पर तकनीकी सुधार कर जलापूर्ति को सामान्य किया। प्राधिकरण की ओर से एक बार फिर निवासियों से अपील की गई है कि यदि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कहीं भी दूषित पानी की आपूर्ति की समस्या सामने आती है, तो वे तुरंत वरिष्ठ प्रबंधक जल के मोबाइल नंबर 9205691408 या प्रबंधक जल के मोबाइल नंबर 8937024017 पर सूचना दें, ताकि समस्या का शीघ्र समाधान किया जा सके।

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने भी शहर के सभी क्षेत्रों में पानी की रैंडम जांच कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जल विभाग अब ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों, आवासीय क्षेत्रों और अन्य इलाकों से पानी के सैंपल लेकर जांच की तैयारी कर रहा है। जिन क्षेत्रों में प्राधिकरण सीधे पानी की आपूर्ति करता है, वहां पानी की जांच खुद प्राधिकरण द्वारा कराई जाएगी। वहीं, बिल्डर सोसाइटियों और आवासीय समितियों में पानी की जांच कराने की जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन समिति, बिल्डर या एओए की होगी, और जांच रिपोर्ट जल विभाग में जमा करानी अनिवार्य होगी।

इसके अलावा औद्योगिक, व्यावसायिक, आईटी और संस्थागत क्षेत्रों में भी पानी की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दे दिए गए हैं। प्राधिकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रेटर नोएडा के किसी भी हिस्से में दूषित पानी की आपूर्ति न हो और सभी नागरिकों को सुरक्षित व स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

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