Greater Noida Authority: कार्यकाल पूरा होने के बाद भी काम कर रहे आठ संविदा अधिकारी-कर्मचारी, विभागों में फाइलों का निस्तारण जारी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में संविदा पर तैनात आठ अधिकारी और कर्मचारियों का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी उनके काम करते रहने का मामला सामने आया है। ये अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित अवधि के लिए नियुक्त किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय पूरा होने के बावजूद कार्यालयों में काम कर रहे हैं। इनमें प्रशासन, सिविल और अन्य विभागों से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि भूलेख जैसे महत्वपूर्ण विभाग में भी फाइलों का निस्तारण किया जा रहा है।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण लंबे समय से कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। विभिन्न विभागों में खाली पदों पर कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को निश्चित समयावधि के लिए संविदा पर नियुक्त किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एक महाप्रबंधक, एक सहायक महाप्रबंधक और छह अन्य अधिकारी-कर्मचारियों का कार्यकाल अक्टूबर में पूरा हो गया है। इसके बावजूद इनके काम जारी रखने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर को महाप्रबंधक (प्रशासन/सामान्य) विमल किशोर गुप्ता, जिन्हें वीके गुप्ता के नाम से भी जाना जाता है, और सहायक प्रबंधक (सिविल) रियाजुद्दीन का कार्यकाल पूरा हो गया। इसके बाद 9 अक्टूबर को सहायक प्रबंधक फतेह सिंह, आशीष कुमार सिंह, सहायक प्रबंधक (सिविल) अजय कुमार वर्मा, कनिष्ठ सहायक राम प्रसाद शर्मा और सहायक प्रबंधक (प्रशासन/सामान्य) आरआर मौर्य का कार्यकाल समाप्त हो गया। वहीं, 12 अक्टूबर को सहायक महाप्रबंधक (प्रशासन/सामान्य) पुरुषोत्तम दास गुप्ता का कार्यकाल भी पूरा हो गया।
कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी इन अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालयों में काम करने की जानकारी सामने आई है। इनमें से कुछ के द्वारा महत्वपूर्ण विभागीय कार्यों और फाइलों का निस्तारण किए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी उन्हें किस आधार पर काम करने दिया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में प्राधिकरण की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
बिना वेतन के भी काम कर रहे कर्मचारी
प्राधिकरण के उद्योग, बिल्डर और संपत्ति विभाग में कुछ कर्मचारियों के बिना वेतन के काम करने की शिकायत भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इन कर्मचारियों के पास फाइलों के रखरखाव और संबंधित दस्तावेजों की जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके काम करने की स्थिति और जिम्मेदारियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, कार्यकाल पूरा कर चुके अधिकारियों-कर्मचारियों के काम जारी रहने और कुछ कर्मचारियों के बिना वेतन काम करने से जुड़े मामले में प्राधिकरण की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।


