Gangster Amit Kasana: गैंगस्टर अमित कसाना को 7 साल की सजा, पुलिस टीम पर हमले के 17 साल बाद आया फैसला
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला करने के करीब 17 साल पुराने मामले में गैंगस्टर अमित कसाना को अदालत ने सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। रणदीप भाटी गैंग से जुड़े अमित कसाना को वर्ष 2009 में रिठौरी गांव में दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग और लाठी-डंडों से हमला करने के मामले में दोषी ठहराया गया है। बुधवार, 14 अक्टूबर को अदालत ने अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाने के साथ आरोपी पर कुल 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह मामला दादरी थाने में दर्ज किया गया था और लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब इसमें फैसला आया है।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2009 में दादरी क्षेत्र के रिठौरी गांव में एक मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस टीम दबिश देने पहुंची थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की गई और लाठी-डंडों से हमला किया गया। घटना के बाद दादरी थाने में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी। मामले में साक्ष्य और गवाहों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ी। करीब 17 साल बाद अदालत ने अमित कसाना को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 147 के तहत दो साल की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 148 के तहत तीन साल की कैद और दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 307/149 के तहत हत्या के प्रयास से संबंधित मामले में सात साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माना सुनाया। इसके अलावा धारा 332 के तहत तीन साल की कैद और दो हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 353 के तहत दो साल की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई। सभी धाराओं में लगाए गए जुर्माने की कुल राशि 16 हजार रुपये है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को तीन महीने और 20 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल, दादरी पुलिस और अभियोजन इकाई ने मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने और पैरवी की प्रक्रिया में भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि गंभीर आपराधिक मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से अदालतों में प्रभावी पैरवी की जा रही है। अमित कसाना को सुनाई गई सजा इसी प्रक्रिया के तहत हुई कार्रवाई का हिस्सा है।


