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Fake Call Center: नोएडा में विदेशियों से लोन के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार; डॉलर में लेते थे रकम

Fake Call Center: नोएडा में विदेशियों से लोन के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार; डॉलर में लेते थे रकम

नोएडा। सेंट्रल नोएडा की सेक्टर-142 थाना पुलिस ने विदेश में रहने वाले लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक कथित फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह खराब क्रेडिट स्कोर के कारण लोन नहीं मिलने वाले विदेशियों को निशाना बनाता था और लोन दिलाने के बदले प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उनसे डॉलर में रकम वसूलता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से डेस्कटॉप, मोबाइल फोन और अन्य उपकरण बरामद किए हैं।

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह ने गुरुवार को सूरजपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंसूरी रशीद, तरुण मिश्रा और चंद्रकांत के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी नोएडा में बैठकर विदेशों में रहने वाले लोगों को कॉल करते थे। इसके लिए कथित रूप से एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था।

आरोपी ऐसे विदेशी नागरिकों को निशाना बनाते थे, जिन्हें खराब क्रेडिट स्कोर के कारण आसानी से लोन नहीं मिल पाता था। उनसे संपर्क करने के बाद आरोपी लोन उपलब्ध कराने का भरोसा देते थे।

पुलिस का आरोप है कि लोन दिलाने का भरोसा देकर आरोपियों की ओर से पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर रकम मांगी जाती थी। विश्वास में आने के बाद विदेशी नागरिक उन्हें पैसे भेज देते थे।

इस पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए आरोपी ई-सिम का इस्तेमाल करते थे। पुलिस के अनुसार ई-सिम के जरिए विदेशों में कॉल करके संभावित पीड़ितों से संपर्क किया जाता था।

आरोपी कथित रूप से पीड़ितों से डॉलर में रकम लेते थे। इसके बाद रकम को दूसरे माध्यमों से बदलकर नकदी के रूप में हासिल करने की व्यवस्था की गई थी।

पुलिस के मुताबिक डॉलर में हासिल की गई रकम को चाइनीज करेंसी में बदला जाता था। इसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए रकम को नकद के रूप में आरोपियों तक पहुंचाया जाता था।

पुलिस अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है। आरोपियों द्वारा विदेशी नागरिकों से हासिल की गई रकम, उसके लेनदेन और हवाला के जरिए नकदी हासिल करने के तरीके से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

सेक्टर-142 थाना पुलिस को मुखबिर से इस कथित फर्जी कॉल सेंटर के बारे में सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने संबंधित स्थान की जानकारी जुटाई और कार्रवाई की योजना बनाई।

इसके बाद पुलिस टीम सेक्टर-142 थाना क्षेत्र के सेक्टर-138 स्थित एक सोसाइटी में पहुंची। यहां तीसरी मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में कथित कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था।

पुलिस ने फ्लैट से मंसूरी रशीद, तरुण मिश्रा और चंद्रकांत को गिरफ्तार कर लिया। मौके से कॉलिंग और अन्य गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने वाले डेस्कटॉप, मोबाइल फोन तथा दूसरे उपकरण भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि आरोपियों की कॉलिंग गतिविधियों और कथित ठगी से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा सकें।

जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना भी है कि गिरोह ने अब तक कितने विदेशी नागरिकों से संपर्क किया और कितने लोगों से कथित रूप से रकम वसूली गई।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में तीन गिरफ्तार आरोपियों के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं। हवाला के जरिए रकम आरोपियों तक पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

फर्जी कॉल सेंटर के संचालन में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, ई-सिम और अन्य डिजिटल माध्यमों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश पर सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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