ESIC Birth Certificate: सेक्टर-24 अस्पताल में दो महीने बाद फिर बनने शुरू हुए जन्म प्रमाणपत्र, CMS को बनाया गया नया रजिस्ट्रार
नोएडा। सेक्टर-24 स्थित ईएसआईसी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया दोबारा शुरू हो गई है। करीब दो महीने से तकनीकी और प्रशासनिक कारणों के चलते अस्पताल में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में परेशानी आ रही थी। नए रजिस्ट्रार की आईडी और पासवर्ड तैयार होने के बाद अब डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए प्रमाणपत्र जारी किए जा सकेंगे।
अस्पताल में पहले जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने के लिए नियुक्त रजिस्ट्रार का विभाग बदल दिया गया था। विभाग बदलने के बाद नए रजिस्ट्रार के लिए आवश्यक लॉगिन आईडी और पासवर्ड तैयार नहीं हो पाया था। इसके कारण प्रमाणपत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर नहीं हो पा रहे थे और पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो गई थी।
समस्या का समाधान करने के लिए करीब एक सप्ताह पहले ईएसआईसी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) को जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने के लिए नया रजिस्ट्रार बनाया गया। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से उनके लिए आवश्यक आईडी और पासवर्ड तैयार किया गया।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब CMS के डिजिटल हस्ताक्षर से जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जा सकेंगे। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी, जिन्हें अस्पताल में बच्चे के जन्म के बाद प्रमाणपत्र मिलने का इंतजार करना पड़ रहा था।
अस्पताल में करीब दो महीने से यह समस्या बनी हुई थी। पुराने रजिस्ट्रार का विभाग बदलने के बाद उन्होंने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि संबंधित विभाग की जिम्मेदारी उनके पास नहीं रहने के कारण प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर करना उचित नहीं होगा।
इस बीच पुराने रजिस्ट्रार की आईडी से ओटीपी प्राप्त कर एक जन्म प्रमाणपत्र तैयार किए जाने को लेकर भी विवाद सामने आया था। पुराने रजिस्ट्रार ने इस मामले की शिकायत ईएसआईसी निदेशालय में की थी। इसके बाद प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर मामला और संवेदनशील हो गया था।
बताया गया कि पुराने रजिस्ट्रार के संबंधित विभाग से हटने के बावजूद उनके डिजिटल हस्ताक्षर या लॉगिन का इस्तेमाल किए जाने की स्थिति में भविष्य में कानूनी और प्रशासनिक विवाद उत्पन्न हो सकता था। इसी कारण उन्होंने विभाग बदलने के बाद प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था।
दूसरी ओर नए रजिस्ट्रार की आईडी और पासवर्ड बनाने की प्रक्रिया भी तुरंत पूरी नहीं हो सकी। इसके लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया और शासन स्तर से आवश्यक अनुमति की जरूरत होने के कारण नई डिजिटल पहचान तैयार होने में समय लगा।
आईडी और पासवर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण अस्पताल में जन्म और मृत्यु का रिकॉर्ड होने के बावजूद प्रमाणपत्रों पर अधिकृत डिजिटल हस्ताक्षर नहीं किए जा पा रहे थे। इसका सीधा असर प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले लोगों पर पड़ा और उन्हें करीब दो महीने तक इंतजार करना पड़ा।
अब जिला प्रशासन द्वारा CMS की आईडी और पासवर्ड तैयार किए जाने के बाद तकनीकी बाधा दूर हो गई है। अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी व्यवस्था के माध्यम से मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी किए जा सकेंगे।
नई व्यवस्था से लंबित प्रमाणपत्रों को भी जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। अस्पताल प्रशासन अब अधिकृत रजिस्ट्रार के डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।


