Encroachment Drive: ग्रेटर नोएडा में अवैध ठेली-पटरी हटाने का अभियान होगा तेज, ईस्ट और वेस्ट के लिए बनीं दो प्रवर्तन टीमें
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के आवासीय सेक्टरों और मुख्य सड़कों के किनारे अवैध रूप से लगने वाली ठेली-पटरी के खिलाफ प्राधिकरण जल्द अभियान तेज करने जा रहा है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली की संख्या बढ़ाई जाएगी। ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट के लिए दो अलग-अलग प्रवर्तन टीमें भी गठित की गई हैं।
शहर की आबादी बढ़ने के साथ आवासीय सेक्टरों और प्रमुख सड़कों के किनारे ठेली-पटरी की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। त्योहारों के दौरान इनकी संख्या और अधिक बढ़ जाती है, जिससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होता है। सेक्टर अल्फा-1, अल्फा-2, डेल्टा-1, जगत फार्म, रामपुर, अमृतपुरम और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कई इलाकों में शाम के समय जाम की समस्या सामने आती है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अर्बन सर्विसेज विभाग के पास फिलहाल अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक विभाग के पास वर्तमान में केवल एक डंपर और एक जेसीबी होने के कारण एक समय में सीमित क्षेत्र में ही कार्रवाई हो पाती है। इससे पूरे शहर में अभियान को एक साथ प्रभावी तरीके से चलाने में परेशानी आती है।
इस समस्या को देखते हुए प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों ने संसाधनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पहले चरण में ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट क्षेत्र के लिए दो जेसीबी, दो डंपर और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली एक वर्ष के लिए किराए पर लिए जाएंगे। इसके लिए अर्बन सर्विसेज विभाग की ओर से निविदा जारी कर दी गई है।
प्राधिकरण की योजना त्योहारों के दौरान सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ने वाले अतिक्रमण को नियंत्रित करने की है। संसाधन उपलब्ध होने के बाद दोनों प्रवर्तन टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में कार्रवाई करेंगी। इससे एक ही समय में ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट दोनों क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा सकेगा।
अर्बन सर्विसेज विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव के मुताबिक इच्छुक कंपनियां 25 सितंबर तक निविदा प्रक्रिया में आवेदन कर सकती हैं। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक वाहन और मशीनरी उपलब्ध कराने का काम किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से संसाधनों और प्रवर्तन टीमों की संख्या को और बढ़ाने की योजना है।
प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण का प्रयास रहेगा कि मुख्य सड़कों के किनारे अवैध रूप से ठेली-पटरी लगने से यातायात बाधित न हो और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।


