Durga Puja 2026: नोएडा में ‘देवी मां का दिव्य मंदिर’ थीम पर सजेगा दुर्गा पूजा पंडाल
नोएडा। नोएडा बंगिया समिति ने इस वर्ष होने वाले 33वें दुर्गा पूजा आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। रविवार को सेक्टर-34 स्थित पार्क में विधि-विधान के साथ भूमि पूजन किया गया और इसके साथ ही पूजा पंडाल के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई। भूमि पूजन कार्यक्रम में समिति से जुड़े करीब 50 से 60 सदस्य और श्रद्धालु शामिल हुए। पूजा-अर्चना के बाद सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
समिति की ओर से इस बार दुर्गा पूजा पंडाल को विशेष थीम पर तैयार करने की योजना बनाई गई है। समिति के सदस्य दिबेसीस बनर्जी के अनुसार, इस वर्ष पंडाल का स्वरूप ‘देवी मां का दिव्य मंदिर’ थीम पर आधारित होगा। इसे भव्य और आकर्षक रूप देने के लिए कोलकाता से विशेष कारीगर बुलाए गए हैं, जो पंडाल के निर्माण का काम करेंगे।
पंडाल की ऊंचाई करीब 45 फीट और चौड़ाई लगभग 60 फीट रखी जाएगी। आयोजकों के मुताबिक पंडाल की बनावट को मंदिर के स्वरूप के अनुरूप तैयार किया जाएगा। रात के समय विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, जिससे पंडाल का स्वरूप और अधिक आकर्षक नजर आएगा। पंडाल के निर्माण में सजावट और रोशनी के साथ बारीक कारीगरी पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
दुर्गा पूजा के लिए मां दुर्गा की विशेष इको-फ्रेंडली प्रतिमा भी तैयार की जा रही है। समिति के मुताबिक प्रतिमा की ऊंचाई करीब 14 फीट और चौड़ाई लगभग 20 फीट होगी। प्रतिमा का निर्माण दिल्ली में किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्रतिमा के निर्माण में इको-फ्रेंडली सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।
नोएडा बंगिया समिति की ओर से इस वर्ष दुर्गा पूजा का आयोजन 15 से 20 अक्टूबर तक किया जाएगा। पूजा के दौरान बंगाल की पारंपरिक संस्कृति, धार्मिक आस्था और लोक परंपराओं को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन में नोएडा के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
पूजा समारोह में कोलकाता से आए कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा पारंपरिक ढाक की धुन, धुनुची नृत्य और बंगाली लोक प्रस्तुतियां भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेंगी। श्रद्धालुओं को बंगाली संस्कृति की झलक देने के लिए कलाकार पारंपरिक परिधानों में कार्यक्रम पेश करेंगे।
समिति के पदाधिकारियों के अनुसार बंगाल की परंपरा में मां दुर्गा को बेटी के रूप में देखा जाता है, जो वर्ष में एक बार अपने मायके आती हैं। इसी भाव को दुर्गा पूजा के दौरान विशेष तरीके से व्यक्त किया जाता है। समिति का प्रयास है कि पंडाल की थीम और पूरे आयोजन के माध्यम से मां दुर्गा के स्वागत और बेटी के मायके आने की इसी भावनात्मक परंपरा को दर्शाया जाए।
दुर्गा पूजा के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार के पारंपरिक बंगाली भोजन की व्यवस्था की जाएगी। आयोजन में आने वाले लोगों को पूजा के साथ बंगाल के पारंपरिक खानपान का स्वाद भी मिल सकेगा।
भूमि पूजन के साथ पंडाल निर्माण शुरू होने के बाद समिति के सदस्य तैयारियों में जुट गए हैं। पंडाल के निर्माण, प्रतिमा स्थापना, सजावट, विद्युत व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजकों का कहना है कि इस बार पूजा पंडाल को ऐसा स्वरूप देने की कोशिश की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ बंगाल की सांस्कृतिक परंपरा का भी अनुभव हो।
सेक्टर-34 में आयोजित होने वाली इस दुर्गा पूजा को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह देखने को मिल रहा है। समिति की ओर से आयोजन को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए तैयारियां पहले से शुरू कर दी गई हैं। आने वाले दिनों में पंडाल निर्माण और सजावट का काम तेजी से आगे बढ़ेगा और अक्टूबर में श्रद्धालुओं के लिए भव्य दुर्गा पूजा आयोजन तैयार होगा।


