Dengue Day 2026: नोएडा में अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग, डेंगू रोकने के लिए तेज हुआ सर्विलांस और फॉगिंग अभियान

Dengue Day 2026: नोएडा में अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग, डेंगू रोकने के लिए तेज हुआ सर्विलांस और फॉगिंग अभियान

नोएडा, 16 मई : मौसम में बदलाव और बढ़ती गर्मी के बीच जिले में डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के मौके पर स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए निगरानी और जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। जिले में लगातार सर्विलांस, फॉगिंग, लार्वा जांच और घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि बरसात के मौसम से पहले ही डेंगू के खतरे को नियंत्रित किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक जिले में लगभग ढाई लाख लोगों की डेंगू जांच की गई थी, जिनमें 658 लोग संक्रमित पाए गए थे। वहीं वर्ष 2026 में अब तक डेंगू के तीन मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि फिलहाल संख्या कम है, लेकिन विभाग का मानना है कि मानसून और उमस बढ़ने के साथ संक्रमण तेजी से फैल सकता है।

Shrutikirti Verma ने बताया कि पिछले वर्ष जिले में नौ डेंगू हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए थे और इस वर्ष भी इन्हीं क्षेत्रों को संवेदनशील मानकर विशेष निगरानी की जा रही है। इनमें बरौला, भंगेल, सदरपुर, कासना, सूरजपुर, छलेरा, सलारपुर, किशोरपुर और जारचा गांव शामिल हैं। इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम लगातार दौरा कर रही है।

उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की जांच कर रही हैं। जहां भी पानी जमा मिलता है वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है। लोगों को कूलर, पानी की टंकियों, गमलों और खुले बर्तनों की नियमित सफाई करने के लिए जागरूक किया जा रहा है ताकि मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शहरी क्षेत्रों में घनी आबादी और निर्माण कार्यों के चलते पानी जमा होने की समस्या अधिक रहती है, जिससे डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

सरकारी अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। अस्पतालों में डेंगू जांच और उपचार की व्यवस्था मजबूत की गई है। मरीजों के लिए अलग बेड आरक्षित किए गए हैं और डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि समय पर जांच और इलाज से डेंगू के गंभीर मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

जिला मलेरिया अधिकारी श्रुतिकीर्ति वर्मा ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को तेज बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच कराएं और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचें। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव में लोगों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।

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