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Democracy Protest: नोएडा में ‘लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ’ प्रदर्शन, CEC के इस्तीफे और बैलेट पेपर से चुनाव की मांग

Democracy Protest: नोएडा में ‘लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ’ प्रदर्शन, CEC के इस्तीफे और बैलेट पेपर से चुनाव की मांग

नोएडा में ‘लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर विभिन्न वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति और अखिल भारतीय किसान सभा समेत अन्य संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विशेष सघन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई और इसे रद्द करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनकी समीक्षा की जानी चाहिए और पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में शामिल किए जाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होना प्रत्येक पात्र नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। उत्तर प्रदेश की SIR प्रक्रिया के बाद 6 जनवरी 2026 को जारी मसौदा मतदाता सूची में पहले की सूची के मुकाबले करीब 2.89 करोड़ नाम कम हुए थे। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, इन नामों में मृत मतदाता, स्थानांतरित हो चुके मतदाता और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नाम समेत विभिन्न श्रेणियां शामिल थीं।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र नागरिक को केवल दस्तावेजी कठिनाइयों या प्रक्रिया की जटिलता के कारण मतदान के अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने और मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग रखी।

कार्यकर्ताओं ने चुनाव में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों यानी EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा निर्वाचन आयुक्तों की जवाबदेही से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा करने की मांग की गई।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों में लोगों को पर्याप्त जानकारी और अपनी आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों को राष्ट्रपति तक पहुंचाने के लिए ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान डॉ. रूपेश वर्मा, रामसागर, बृजेश कुमार, मुकेश कुमार, रामस्वारथ, अशोक कुमार, आशा यादव, रेखा चौहान समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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