नई दिल्ली। हनुमंत रामलीला के प्रचार के लिए सड़क पर लगाए गए एक अस्थायी स्वागत द्वार से टकराकर लगभग 30 वर्षीय व्यक्ति घायल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी मार्ग पर पहले भी एक व्यक्ति ऐसे गेट से टकराकर चोटिल हो चुका है। दो घटनाओं के बाद सड़क पर इन ढांचों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
निवासियों का आरोप है कि मार्ग पर करीब दस बड़े गेट लगे हैं और कुछ के खंभे सड़क की ओर बढ़े हुए हैं। इससे खासकर दोपहिया वाहनों के लिए जगह कम हो जाती है। घायल युवक के पिता ने मांग की है कि प्रचार के लिए लगाए जाने वाले गेट सड़क से पर्याप्त दूरी पर हों।
स्थानीय लोगों ने अनुमति, संकेतक, रिफ्लेक्टर और ढांचों की मजबूती की जांच कराने की मांग की है। संबंधित प्रशासन और आयोजन समिति का आधिकारिक पक्ष मूल रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं था; इसलिए सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।






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