Delhi Gang Rape-Murder: 17 वर्षीय युवती की हत्या के मामले पर राहुल गांधी ने उठाए महिला सुरक्षा के सवाल, अमित शाह से मांगा जवाब
नई दिल्ली। राजधानी में 17 वर्षीय युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए महिला सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही का मुद्दा उठाया तथा आरोपियों के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई की मांग की।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है। उन्होंने सवाल किया कि राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने मामले में किसी भी संभावित लापरवाही की जांच और जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
पुलिस के अनुसार मृतका और मामले में शामिल बताए जा रहे आरोपी एक-दूसरे को पहले से जानते थे। शुरुआती जांच में सामने आया कि युवती और आरोपी एक टेंपो के अंदर मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान युवती के साथ कथित यौन उत्पीड़न हुआ और बाद में चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी गई।
युवती का शव 13 सितंबर को कुशक रोड इलाके में जयपाल राणा के खेत के पास मिला था। शव की हालत काफी खराब थी, जिससे शुरुआती स्तर पर पहचान करने में कठिनाई हुई। पुलिस के मुताबिक तत्काल यह तय करना भी मुश्किल था कि शव महिला का है या पुरुष का।
पुलिस ने बताया कि शव के कुछ हिस्सों को आवारा कुत्तों से नुकसान पहुंचा था और एक हाथ अलग मिला था। इसके बाद पहचान और घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ाई गई। पड़ताल में युवती और आरोपियों के पहले से परिचित होने की जानकारी सामने आई।
मामला सामने आने के बाद राजधानी में महिला सुरक्षा पर राजनीतिक बहस तेज हो गई। राहुल गांधी ने आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने और कानून के मुताबिक कठोर कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला सुरक्षा सरकार और पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह जांचने की मांग की कि मामले में व्यवस्था या पुलिस के स्तर पर कोई चूक हुई या नहीं।
फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्यों, आरोपियों की भूमिका और वारदात की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। वहीं विपक्ष ने केंद्र सरकार से सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस जवाबदेही पर जवाब मांगा है। मामले की जांच पूरी होने के बाद परिस्थितियों की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।


