Cyber Fraud: नोएडा में साइबर ठगी के लिए बैंक खाते मुहैया कराने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, 29 पासबुक बरामद
नोएडा। साइबर ठगी करने वाले गिरोहों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के आरोप में बिसरख थाना पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग बैंकों की 29 पासबुक, 23 चेकबुक, दो डेबिट कार्ड, 14 आधार कार्ड, आठ पैन कार्ड, आठ सिम कवर और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी फर्जी या अधूरे पते और पहचान संबंधी दस्तावेजों में हेराफेरी कर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद इन खातों को साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराकर कमीशन लेते थे।
थाना बिसरख के प्रभारी निरीक्षक रंजीत कुमार सिंह के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2026 को स्थानीय सूचना तंत्र और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की मदद से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने गौर सिटी-2 स्थित भविष्य इंडिया टावर के पास से तीनों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी संख्या में बैंकिंग और पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस अब इन दस्तावेजों और खातों से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने और अन्य लोगों के आधार कार्ड तथा पैन कार्ड में कथित रूप से हेराफेरी कराते थे। दस्तावेजों में पता बदलवाने या अधूरा पता दर्ज कराने के बाद बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था। पुलिस का दावा है कि खाते उपलब्ध कराने के बदले आरोपियों को 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था। इस तरह वे साइबर अपराधियों के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करने का काम करते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि इन खातों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग राज्यों में निवेश के नाम पर ठगी, ब्लैकमेलिंग और सोशल मीडिया पर विज्ञापनों से जुड़ी धोखाधड़ी में किया जाता था। पुलिस के मुताबिक, इस तरह की साइबर ठगी से संबंधित कई शिकायतें विभिन्न राज्यों में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब बरामद बैंकिंग दस्तावेजों के आधार पर खातों के इस्तेमाल और कथित ठगी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेम (21), पुत्र भोला शंकर, कुनाल (19), पुत्र सुशील कुमार और आतिश (20), पुत्र अशोक अग्रवाल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों हाथरस जिले के सासनी क्षेत्र के निवासी हैं। इस मामले में बिसरख थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 319(2), 238(सी) और 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं 66(सी) और 66(डी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।


