Crypto Trading Fraud: मोटी कमाई का झांसा देकर 34.49 लाख की ठगी, ऐप पर दिखाते रहे बढ़ता मुनाफा
नोएडा। क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर अपराधियों ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी एक व्यक्ति से 34 लाख 49 हजार रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने पहले छोटी रकम पर मुनाफा दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता और बाद में कथित ट्रेडिंग ऐप के जरिए बड़ी रकम निवेश कराते चले गए। ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। अब साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इरोज सम्पूर्णम सोसायटी में रहने वाले दीपक अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि साइबर अपराधियों ने उनसे संपर्क कर क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग के जरिए अच्छा मुनाफा कमाने का दावा किया था। आरोपियों ने उन्हें निवेश के लिए तैयार करने के बाद रोयचिन नाम का ऐप इस्तेमाल करने को कहा। इसी ऐप के माध्यम से उन्हें कथित निवेश और मुनाफे की जानकारी दिखाई जाती थी।
पीड़ित के मुताबिक शुरुआत में उन्होंने कम रकम निवेश की। ऐप पर निवेश के बदले मुनाफा दिखाई दिया और वह मुनाफे समेत कुछ रकम निकालने में भी सफल रहे। शुरुआती निवेश पर पैसा वापस मिलने से उनका आरोपियों पर भरोसा बढ़ गया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने उन्हें अधिक रकम लगाने के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया।
मुनाफा बढ़ने की उम्मीद में दीपक अग्रवाल ने मई और जून 2025 के दौरान अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए बड़ी रकम जमा कर दी। आरोप है कि इस दौरान उनसे कुल 34 लाख 49 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। पीड़ित ने अधिक लाभ की उम्मीद में अपने करीबियों से भी पैसे उधार लेकर निवेश किया था।
शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों की ओर से डाउनलोड कराए गए ऐप में लगातार उनकी निवेश राशि और उस पर मिलने वाला कथित मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई देता रहा। इससे उन्हें विश्वास होता रहा कि उनका पैसा क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में लगाया जा रहा है और निवेश से अच्छी कमाई हो रही है। इसी भरोसे के कारण वह लगातार और रकम जमा करते गए।
बाद में जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर पूरे मामले की जानकारी दी। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।
घटना के करीब 14 महीने बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस ने पीड़ित से बैंक ट्रांजेक्शन और निवेश से जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है। इन ट्रांजेक्शन के आधार पर उन बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनमें पीड़ित से रकम जमा कराई गई थी।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी में इस्तेमाल किए गए ऐप और खातों को कौन संचालित कर रहा था तथा रकम किन-किन खातों में आगे ट्रांसफर की गई। डिजिटल और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।


