Congress Protest: राहुल-प्रियंका की हिरासत के विरोध में नोएडा में कांग्रेसियों का प्रदर्शन, काले कपड़े पहनकर जताया विरोध
नोएडा। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के विरोध में गौतमबुद्ध नगर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे ‘काला दिवस’ बताते हुए जिला मुख्यालय सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट पर विरोध जताया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुए। दिल्ली में 7 अक्टूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था। विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़ी तख्तियां लेकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि उनका विरोध केवल किसी नेता को हिरासत में लिए जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े व्यापक सवालों को लेकर है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नोएडा में भी पैदल मार्च निकाला। यह मार्च सेक्टर-19 स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करने के बाद धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों की पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं से जवाबदेही की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब जनप्रतिनिधि चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवाल उठाते हैं, तो उन्हें पुलिस कार्रवाई के जरिए रोकना उचित नहीं है। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक संस्थाओं से सवाल पूछने के अधिकार की बात कही।
दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में असहमति के अधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाएं और मताधिकार स्थायी महत्व रखते हैं।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के संगठन प्रभारी मुकेश शर्मा ने भी मतदाता सूचियों और निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि इन शिकायतों की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाए।
दिल्ली में हुए घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का विरोध लगातार जारी है। विपक्षी नेता विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। 7 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस की ओर से प्रदर्शन को लेकर लागू प्रतिबंधों और अनुमति संबंधी नियमों का हवाला दिया गया था।
गौतमबुद्ध नगर के प्रदर्शन में अजय चौधरी, दुष्यंत नागर, मुकेश शर्मा, गौतम अवाना, विनोद पांडेय, निशा शर्मा, नीरज लोहिया, अशोक पंडित, शीबा राय, बिन्नू भाटी, सुरेंद्र प्रताप, कल्पना सिंह, मोहम्मद तकी, महाराज सिंह, धर्म सिंह, रमेश जीनवाल, अरुण गुर्जर, विजय नागर, कपिल भाटी, मोहित भाटी एडवोकेट, पुनीत मावी, नितीश चौधरी, सुबोध भट्ट, नीरज शर्मा, विपिन त्यागी, अरविंद रेक्सवाल, प्रिंस भाटी, प्रवीण रावल, अजब सिंह, धीरा सिंह, जतन सिन्हा, अब्दुल वाहिद, अनुराग भाटी एडवोकेट, गोल्डी, मोहम्मद इदरीशी, राहुल कश्यप, अनुज तिवारी, हेमंत भाटी, गिरीश शर्मा, अनुज भाटी, सुशील मावी, प्रवीण बैंसला, जितेंद्र नागर, निशांत भाटी, अंकित यादव, निशांत तंवर, सीपू कुमार, प्रदीप नागर, भूरा, कपिल नागर, सुनील भाटी, संजय फौजी, राजकुमार, नरेश मुखिया, अनित नागर, दिनेश शर्मा, संजय भाटी, आसिफ, शाहरुख, वेदप्रकाश, आजाद और पप्पू सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

