अमर सैनी
नोएडा। थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने एक चीनी नागरिक समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि चीनी नागरिक समेत पांचों आरोपी साइबर अपराधियों को बैंक खाता उपलब्ध कराते थे। आरोपी अब तक सैकड़ों फर्जी खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा चुके हैं। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी तरीके से हासिल किए गए मोबाइल फोन के सिम और अन्य सामान बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
नोएडा जोन डीसीपी विद्यासागर मिश्रा ने बताया कि एक सूचना के आधार पर थाना एक्सप्रेसवे पुलिस क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों से चीनी नागरिक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान तेंजिन कस्लांग निवासी क्लासिक केएनजी टॉवर वाजिदपुर नोएडा, कृष्ण मुरारी निवासी लखनऊ, त्सेरिंग धोन्दुप निवासी कॉगड़ा हिमाचल प्रदेश, शोभित तिवारी मनियाव खतरी लखनऊ और चीनी नागरिक जूहु जनकई निवासी योंगे कोंड सिटी के रूप में हुई है। चीनी नागरिक भारत में चेन्नई शहर की एक सोसायटी में रह रहा था। आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल फोन, 223 सिम, 2 लेपटाप, 7 आधार कार्ड,, विदेशी मुद्रा, 23110 रुपये की नकदी, चाईनीज पासपोर्ट, 2 अन्तराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस, बैग और अन्य कागजात बरामद किए हैं।
चीनी नागरिक है सरगना, किराए पर देते थे बैंक खाता
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि चीनी नागरिक इस गैंग का सरगना है। ये लोग फर्जी तरीके से बैंक अकाउंट खुलवाते थे। कृष्ण मुरारी और शोभित तिवारी तीनों आरोपियों को बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाते थे। ये लोग साइबर अपराध करने वाले लोगों को अकाउंट किराए पर उपलब्ध करवाते थे। साइबर अपराध से अर्जित की गई रकम इन्ही अकाउंट में ट्रांसफर होती थी।
कमीशन के रूप में मिलती थी मोटी रकम
साइबर अपराधियों द्वारा इन आरोपियों को मोटी रकम कमीशन के रूप में दी जाती थी। इस रकम को पांचों आरोपी अपने-अपने काम के हिसाब से बांट लेते थे। पूछताछ करने पर पता चला है कि आरोपी सैकड़ों बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा चुके हैं।
झूठी सूचना देने पर चढ़े हत्थे
बताया जा रहा है कि शनिवार को दोनों पक्षों में पैसों को लेन-देन को लेकर आपस में झगड़ा हो गया था। इस बीच एक व्यक्ति ने मामले में अपहरण की सूचना पुलिस को दे दी। घटना की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पांचों आरोपियों से पूछताछ शुरू की तो आरोपी की असलियत सामने आई।






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