Bus Fire Survivor: ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड में बची महिला ने सुनाया खौफनाक मंजर, बोली- आग लगते ही मच गई चीख-पुकार
ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात हुए भीषण बस अग्निकांड में नौ यात्रियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही एसी स्लीपर बस संख्या BR32PA8647 में करीब 35 यात्री सवार बताए गए थे। हादसे में बची महिला यात्री रेखा भारद्वाज ने उस रात का खौफनाक मंजर बताया है।
रेखा अपने पति के साथ महोबा जा रही थीं। उनके मुताबिक, हादसे के समय वह बस में सो रही थीं। अचानक ड्राइवर की ओर से बस में आग लगने की बात कही गई और यात्रियों को बाहर निकलने के लिए कहा गया। इसके बाद बस में अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए बाहर निकलने लगे।
रेखा ने बताया कि बाहर निकलने की कोशिश के दौरान वह बस के अंदर ही गिर गईं। उनका कहना है कि काफी देर तक वह पेट के बल बस में पड़ी रहीं और अफरातफरी के बीच कई लोग उनके ऊपर से निकलकर बाहर जाते रहे। इस दौरान उनके पति बस से बाहर नहीं निकल पाए।
महिला यात्री के अनुसार, कुछ समय तक उन्हें खुद समझ नहीं आया कि उनके साथ क्या हो रहा है। होश संभालने के बाद उन्होंने खुद को सड़क पर पाया। उन्होंने दावा किया कि आग बस के आगे वाले हिस्से और ड्राइवर की सीट के आसपास से शुरू हुई थी। कुछ ही समय में घना धुआं यात्री हिस्से में भर गया और बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
रेखा के मुताबिक, स्थिति इतनी भयावह थी कि यात्रियों को किसी भी तरह बस से बाहर निकलना पड़ रहा था। कुछ लोगों ने बस से कूदकर जान बचाई, जबकि कई यात्री धुएं और आग की वजह से अंदर फंस गए।
रेखा ने यह आरोप भी लगाया कि आग लगने के बाद ड्राइवर बस छोड़कर भाग गया। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। पुलिस घटना के क्रम और आग लगने के बाद यात्रियों को बचाने के लिए उठाए गए कदमों की जांच कर रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। बचाव टीमों ने यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। कई यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए महोबा भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
जेवर स्थित आरोग्य अस्पताल में भर्ती घायल रेखा भारद्वाज से एडीएम वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह ने मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने हादसे की जानकारी लेने के साथ घायलों के उपचार और राहत व्यवस्था के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली।
अजीत कुमार सिंह के अनुसार, घटना 23 सितंबर 2026 की रात करीब 11:15 बजे हुई। दिल्ली से महोबा जा रही एसी स्लीपर बस में उस समय करीब 35 यात्री सवार थे। शुरुआती जानकारी के आधार पर उन्होंने शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना बताई है। हालांकि आग लगने की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रशासन के अनुसार, हादसे में नौ लोगों की मौत हुई है। कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि कुछ यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद विशेष वाहनों से महोबा भेजा गया। करीब 15 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकालने के बाद आगे भेजे जाने की जानकारी भी दी गई है।
प्रशासन मृतकों और घायलों के परिजनों से संपर्क कर रहा है। मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया के साथ आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर तकनीकी और अन्य पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। जांच में आग लगने का कारण, बस में सुरक्षा उपकरणों की स्थिति और यात्रियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया जैसे बिंदुओं को देखा जा रहा है।
हादसे के बाद स्लीपर बसों में अग्नि सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और चालक-परिचालक की त्वरित प्रतिक्रिया आग जैसी स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होती है।
ग्रेटर नोएडा का यह हादसा कई परिवारों के लिए गहरा सदमा है। रेखा भारद्वाज का अनुभव हादसे की भयावहता को सामने लाता है, जबकि पुलिस की जांच से आग लगने की वास्तविक वजह और घटना के दौरान हुए घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।


