Amritsar Murder: AAP सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या, दोस्त घायल; चार आरोपियों की तलाश
पंजाब के अमृतसर जिले के चाटीविंड थाना अंतर्गत चीते कलां गांव में सोमवार शाम को सरेआम फायरिंग कर आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ी महिला सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी गई। इस खूनी हमले में तीरथ सिंह के संग मौजूद उनका घनिष्ठ मित्र रणजीत सिंह भी गोली लगने से बुरी तरह घायल हो गया। घटना उस समय घटित हुई जब दोनों युवक गांव के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के बाद बाहर निकल रहे थे। घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने स्वचालित हथियारों से उन पर लगातार 7 से 8 राउंड गोलियां बरसाईं और हथियार लहराते हुए मौके से भाग निकले।
गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे गांव में दहशत फैल गई। स्थानीय ग्रामीण बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुंचे और खून से लथपथ दोनों युवकों को अमृतसर के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीरथ सिंह को मृत घोषित किया। वहीं रणजीत सिंह के पैर और जांघ में गोलियां लगी हैं और डॉक्टरों के अनुसार ऑपरेशन के बाद उनकी हालत वर्तमान में खतरे से बाहर बताई गई है। वारदात की जानकारी पाकर अमृतसर देहाती पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के संग गांव पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के उद्देश्य से भेजा।
मृतक तीरथ सिंह का परिवार क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। उनकी मां परमजीत कौर चीते कलां गांव की मौजूदा निर्वाचित सरपंच हैं और आम आदमी पार्टी की सक्रिय नेत्री हैं, जबकि उनके भाई कराज सिंह ब्लॉक समिति के सदस्य हैं। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह हत्या गांव में नशे के अवैध कारोबार का विरोध करने के कारण पहले से रची गई योजना के अनुसार तरीके से कराई गई है। परिजनों का कहना है कि तीरथ सिंह और उनका परिवार इलाके में सक्रिय ड्रग माफिया और नशा तस्करों के विरुद्ध निरंतर मुखर रहते थे, जिसकी वजह से तस्कर गिरोह उनसे गहरी रंजिश पाले हुए था।
अमृतसर देहाती पुलिस ने परिजनों की शिकायत को आधार बनाकर चीते कलां गांव के ही रहने वाले चार नामजद आरोपियों—गुरदित्त सिंह, गुरजंट सिंह, हरकीरत सिंह उर्फ हाकी और गोरा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या और आर्म्स एक्ट की अलग-अलग धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों की जानकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच के दौरान व्यक्तिगत रंजिश और पुरानी जमीनी विवाद की बात भी सामने आ रही है, जिसकी समस्त कोणों से गहन जांच की जा रही है।
घटना के बाद पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ सरकार पर तीखे हमले बोले हैं। अमृतसर के एसएसपी ने जानकारी देते हुए कहा कि नामजद चारों आरोपियों की पकड़ने के लिए सीआईए (CIA) स्टाफ और स्थानीय पुलिस की छह विशेष टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर निरंतर छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वारदात में शामिल शूटरों और साजिशकर्ताओं को बहुत जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।





